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बयान: हाथरस कांड में सियासत पर बोले सीएम योगी, दंगे भड़काना चाहता है विपक्ष

बयान: हाथरस कांड में सियासत पर बोले सीएम योगी, दंगे भड़काना चाहता है विपक्ष

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाथरस की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्ष पर निशाना साधा है। आदित्यनाथ ने कहा, जिन्हें विकास अच्छा नहीं लग रहा है, वह जातीय और सांप्रदायिक दंगा भड़काना चाहते हैं। इन दंगों की आड़ में उन्हें राजनीतिक रोटियां सेंकने का अवसर मिलेगा, इसलिए वे नए-नए षड्यंत्र करते हैं। 

क्या कहा आदित्यनाथ ने?
आदित्यनाथ ने कहा, इन षड्यंत्रों के प्रति पूरी तरह आगाह होते हुए हमें विकास की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा, संवाद के माध्यम से बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान सम्भव है। 'नए उत्तर प्रदेश' में संवाद ही समस्त समस्याओं के समाधान का माध्यम है।  पुलिस विभाग को माताओं एवं बहनों से संबंधित विषयों तथा अनुसूचित जाति व जनजाति से जुड़े मुद्दों में अति संवेदनशीलता और सक्रियता रखने की आवश्यकता है।

यूपी सरकार पर हमलावर विपक्ष
बता दें कि हाथरस की घटना को लेकर विपक्षी दल आक्रामक और यूपी सरकार पर हमलावर हैं। यूपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने सीएम योगी से उनका इस्तीफा मांगा है। बुलगड़ी गांव में रविवार को कई राजनीतिक पार्टियां पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थी, वहीं सुबह से ही भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर का इंतजार किया जा रहा रहा था। बड़ी संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को देख पुलिस ने हाथरस से पहले ही पूरे काफिले को रोक दिया। बाद में पुलिस ने सिर्फ 10 लोगों को इजाजत दी।

सवर्ण समाज के लोगों ने आरोपियों के समर्थन में नारे लगाए
गांव में चंद्रशेखर के आने से पहले गांव के बाहर सड़क पर काफी बवाल हुआ, जहां एक तरफ सवर्ण समाज के लोगों ने इकट्ठा होकर आरोपियों के समर्थन में नारे लगाए और मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार का नारकोटिक्स टेस्ट हो और जो भी दोषी हो, उसे सजा मिले। सड़क पर माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने बाहर खड़े सभी लोगों पर लाठी भांजी। सड़क पर मौजूद समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता भी चोटिल हुए। बुलगड़ी गांव में फिलहाल बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

क्या है पूरा मामला?
बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की लड़की से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। सियासी संग्राम के बीच योगी सरकार ने शनिवार को हाथरस गैंगरेप मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए, लेकिन पीड़ित परिवार इस पर संतुष्ट नहीं है। पीड़ित के भाई ने कहा कि हम चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में मामले की जांच की जाए।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।