SIR पर घमासान: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 12 विपक्षी दलों की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आज मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रहे विवाद पर अहम सुनवाई होगी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत 12 विपक्षी दलों के नेताओं की याचिका पर सुनवाई करेगी।
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मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 को लेकर भी विवाद है। आयोग ने इसे लेकर स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान इस फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, फैसलों के रिकॉर्ड और विपक्ष की मांगों पर अदालत के रुख पर नजर रहेगी।
याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष ने संबंधित फाइलों, टिप्पणियों और कार्यवाही का रिकॉर्ड तलब करने की मांग की है। साथ ही, यह जांचने का अनुरोध किया है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग ने सामूहिक रूप से लिए या मुख्य चुनाव आयुक्त ने अकेले निर्णय किया।
आयोग ने कहा कि फाइलों पर अधिकारियों या आयुक्तों की व्यक्तिगत टिप्पणियों और सुझावों को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग का कहना है कि संबंधित फाइलें सभी आयुक्तों के अनुमोदन के लिए भेजी जाती हैं और निर्णय आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं।
चुनाव आयोग ने हलफनामे में क्या ?
विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि SIR से जुड़े सभी प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। आयोग के मुताबिक, जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जारी तीनों प्रमुख आदेश सभी सदस्यों की सहमति से पारित हुए थे। आयोग ने एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज किया है।
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