नीट पेपर लीक और प्रोटेस्ट: युवा छात्राओं का प्रदर्शन धीरे धीरे सियासी रंग में बदला, अब बना बीजेपी-कांग्रेस की लड़ाई!

युवा छात्राओं का प्रदर्शन धीरे धीरे सियासी रंग में बदला, अब बना बीजेपी-कांग्रेस की लड़ाई!
सोशल मीडिया से शुरु हुआ ये विवाद सड़क से संसद और फिर सड़क पर आ गया। युवा छात्राओं की ओर से सरकार का विरोध अब राजनीतिक जंग बन गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व में शुरू हुआ युवा छात्राओं का प्रदर्शन अब धीरे धीरे सियासी रंग ले चुका है। स्टूडेंट के प्रदर्शन को देखते हुए तमाम राजनीतिक दल इस युवा शक्ति का लाभ उठाना चाहती है। इसे देखते हुए सीजेपी के प्रदर्शन में तमाम विपक्षी दलों के नेता धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर चुके हैं।

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी इंडिया गठबंधन के राजनीतिक दल छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस की ओर से की गई पिटाई मामले को लेकर सदन में सरकार से चर्चा करने की मांग कर रहे है। इसे लेकर मॉनसून सत्र बाधित हो रहा है। बार बार सदन की कार्यवाही स्थगित हो रही है।

बीते दिन कांग्रेस नेताओं की ओर से पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। जिसके चलते पुलिस ने विपक्ष के कुछ नेताओं को हिरासत में लिया गया, हालांकि इन्हें वापस भी छोड़ दिया गया। लेकिन अब एक बार फिर छात्र युवाओं का प्रदर्शन राजनीतिक दलों के बीच सियासी अखाड़ा बन गया है। पहले कांग्रेस का देश के अलग अलग राज्यों में एनडीए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के इस रवैए को देखते हुए बीजेपी ने तमाम राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कांग्रेस-बीजेपी के छात्र संगठनों ने एक दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।

दिल्ली में कल LKM के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग अलग राज्यों की राजधानी में प्रदर्शन किया। पंजाब कांग्रेस स्टेट हेडक्वार्टर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

पटना में BJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पत्थरबाजी हुई। BJP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

गुजरात में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के ऑफिस के बाहर जमा हुए और कल दिल्ली में LKM के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का विरोध किया। कांग्रेस ऑफिस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं।

उत्तराखंड के देहरादून में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया गया।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए राजस्थान कांग्रेस ऑफिस की ओर मार्च किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के नेतृत्व में पैदल मार्च किया जा रहा है और पार्टी के अन्य नेता और विधायक भी इस मार्च में शामिल हैं। इसे लेकर राठौर ने मीडिया से कहा हमने तय किया था कि कांग्रेस कार्यालय का घेराव करेंगे और उन्हें सद्बुद्धि देंगे। हम राजस्थान पुलिस से टकराव नहीं चाहते हैं। कांग्रेस को समझ आना चाहिए कि देश की चिंता अमर्यादित रवैया बर्दाश्त नहीं करेगी।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान आए शब्द कॉकरोच के बाद अस्तित्व में आई सीजेपी की वजह से सोशल मीडिया में ये मुद्दा तेजी से वायरल हुआ। सोशल मीडिया से शुरु हुआ ये विवाद बाद में सड़क पर प्रदर्शन और अनशन के रूप में नजर आया। विवाद ने तब तूल पकड़ा जब आजाद समाज पार्टी के चीफ और सांसद चंद्रशेखर आजाद सीजेपी के प्रदर्शन मंच पर पहुंचे। इसके बाद तमाम विरोधी दलों के नेता सीजेपी के प्रदर्शन में पहुंचे। संसद में मॉनसून सत्र के चलते सड़क से ये मुद्दा संसद तक पहुंचा। लेकिन सरकार के साथ विपक्षी दलों की चर्चा ना होने को लेकर कांग्रेस समेत तमाम दल सड़क पर उतरे। बीते दिन कांग्रेस की ओर से पीएम आवास के बाहर धरना किया गया। इससे नाराज होकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने देश के कई राज्यों की राजधानी में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया से शुरु हुआ ये विवाद सड़क से संसद और फिर सड़क पर आ गया। युवा छात्राओं का विरोध अब बीजेपी -कांग्रेस की लड़ाई बन गया है।

Created On :   22 July 2026 5:24 PM IST

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