Sonam Wangchuk Hunger Strike: तीसरे दिन सोनम वांगचुक का बदला अस्पताल, हरियाणा के मेदांता में हुए शिफ्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। वे नीट पेपर लीक के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को समर्थन देते हुए प्रोटेस्ट कर रहे थे। इस दौरान वे अनशन पर बैठ गए थे। यहां पर से उनके अनशन के 21 दिन दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। ये पूरी घटना क्रम दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक हुआ है।
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हाईकोर्ट ने क्या दिया आदेश?
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार 21 जुलाई को एक आदेश जारी किया था। इसमें वांगचुक को आगे के इलाज के गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने को कहा गया था। इसके साथ ही सफदरंग अस्पताल को आदेश दिया कि उनके इलाज से संबंधित सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मेदांता हॉस्पिटल को सौंप दिए जाए, ताकि उनके आगे के उपचार में कोई परेशानी नहीं आए।
करीब एक घंटे बाद पहुंचे मेदांता
कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को शाम 6.40 बजे सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान उनके वाइटल पैरामीटर स्थित पाए गए। लेकिन अभी भी पैनसाइटोपेनिया की स्थिति बनी हुई है। साथ ही सीरम पोटैशियम स्तर 3.4 mEq/L बताया गया है। वहीं, डिस्चार्ज होने के करीब एक घंटे बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया।
वांगचुक का जंतर-मंतर पर अनशन
सीजेपी को सपोर्ट करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई, 2026 की सुबह करीब 7 बजे हाईकोर्ट का हवाला देते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया। यहां पर उनका सफदरगंज, दिल्ली एम्स और VMMC अस्पताल के डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा था।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने 19 जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने वांगचुक के अस्पताल बदलने की बात कही थी। इसके बाद 21 जुलाई को कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए उनका अस्पताल बदल दिया।
Created On :   21 July 2026 11:08 PM IST









