CJP Protest: धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा न लेना सरकार की मजबूरी? कहीं सता तो नहीं रहा राज खुलने का डर- अखिलेश यादव ने किया सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस प्रदर्शन में कई छात्र और समाजवादी पार्टी के सांसद शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया जिसमें कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांग सुनने के बजाय उनके खिलाफ सख्ती दिखा रही है।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार उन पर इस्तीफा देने का दबाव नहीं बना रही है। अखिलेश के मुताबिक, सरकार को डर है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ा तो कई छिपी हुई बातें सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद किसी सरकार से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की गई थी। छात्रों की मांगों पर बात करने के बजाय उनके खिलाफ बल का इस्तेमाल करना गलत है। उन्होंने पूरे मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की आलोचना की।
पुलिस कार्रवाई की हिटलर शासन से तुलना
अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की तुलना हिटलर के शासन से की है। उन्होंने कहा कि कई छात्र दूर-दूर से अपनी मांग लेकर दिल्ली पहुंचे थे लेकिन उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि कुछ लोग सादे कपड़ों में भी थे और हाथों में लाठियां लेकर प्रदर्शनकारियों को पीट रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी कार्रवाई ठीक नहीं है। अखिलेश ने पेपर लीक को रोकना सरकार की जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया?
Created On :   21 July 2026 3:13 PM IST







