कर्नाटक न्यूज: RSS और उसके नेता झूठा इतिहास और नैरेटिव गढ़ने के लिए जाने जाते हैं, वीर सावरकर को 'वीर' की उपाधि कैसे मिली?-मंत्री प्रियांक खड़गे

डिजिटल डेस्क, भोपाल। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने एक बार फिर आरएसएस पर निशाना साधा है, खड़गे ने मीडिया के सामने कहा मेरे कौन से सवाल देश-विरोधी या कानून के खिलाफ हैं? क्या दिक्कत है, उन्हें जवाब देने दीजिए, अगर हम कचरे के टेंडर में लोगों को धोखा दे रहे हैं, तो हमारा पर्दाफाश कीजिए, मुख्यमंत्री का कहना बिल्कुल साफ है कि इसमें कोई घोटाला या गड़बड़ी नहीं है, जिन लोगों को असल में फायदा मिलना चाहिए, उन्हें वह मिलना चाहिए, अगर हम चीजों को और वैज्ञानिक बना रहे हैं, तो उन्हें हमारी तारीफ करनी चाहिए।
डी के शिवकुमार सरकार के मंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए आगे कहा यह पहली बार नहीं है जब RSS और उसके नेता झूठा इतिहास और नैरेटिव गढ़ने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि वीर सावरकर को 'वीर' की उपाधि कैसे मिली? अगर उन्हें सावरकर के बारे में नहीं पता, तो वे पंडित नेहरू के बारे में कैसे जानते हैं? उन्हें इतिहास की कोई जानकारी नहीं है और इसीलिए वे इसे गढ़ते रहते हैं।
हमारे संविधान के अनुसार हर संगठन का रजिस्टर्ड और जिम्मेदार होना जरूरी है, और 'व्यक्तियों के समूह' (Body of Individuals) के लिए इसमें कोई छूट नहीं है। अगर आप एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो जवाबदेही भी आपकी एक साथ ही होगी।
KPCC अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने RSS के रजिस्ट्रेशन को लेकर मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान पर मीडिया के सामने कहा प्रियांक खड़गे सरकार में गृह मंत्री हैं और वे देश के संविधान के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा है कि जो भी संगठन खुद को देशभक्त बताता है, उसका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। RSS खुद को एक सांस्कृतिक और देशभक्त संगठन बताता है, इसलिए उसका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। अगर रजिस्ट्रेशन नहीं होता है, तो क्या कार्रवाई की जाए, यह तय करना गृह मंत्री का काम है।
Created On :   11 Jun 2026 4:40 PM IST






