West Bengal Government: बंगाल के पुस्तकालयों से हटेंगी ममता बनर्जी की किताबें, CM सुवेंदु के मंत्री के बयान से सियासी हलचल तेज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में पुस्तकालाय मंत्री गौरीशंकर घोष ने बड़ा आदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब बंगाल में सहकारी सहायता प्राप्त लाइब्रेरियों में केवल वहीं किताबें रखी जाएंगी, जिनसे पढ़ने वालों का ज्ञान में बढ़ोत्तरी हो। वह राष्ट्रीय चेतना के विकास में सहायक बनें।
पुस्तकालयों से हटेगी ममता बनर्जी की किताबें
हालांकि, हैरानी वाली बात यह है कि राज्य के मंत्री के आदेश के बाद इसमें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कई कविताओं रचनाओं को भी हटाने का जिक्र किया गया है। इसकी चपेट में ममता बनर्जी की कविता एपांग ओपांग झपांग भी आ गई है। दरअसल, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि सुवेंदु सरकार में मंत्री ने कहा कि पुस्तकालयों में ऐसी सभी किताबों को हटाया जाएगा। जिनसे पढ़ने वालों, खासतौर से जो बच्चों के बैद्धिक विकास में किस भी तरह से सहायक नहीं है।
इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान मंत्री गौरीशंकर घोष ने कहा कि लोग लाइब्रेरी इसलिए जाते हैं, ताकि उनके ज्ञान में वृद्धि हो सके। इसलिए यह जरूरी है कि लाइब्रेरियों में ऐसी किताबें बच्चों के बौद्धिक विकास में भी सहायक भी बनें। उन्होंने कहा कि एपांग ओपांग झंपाग जैसी किताबों को लाइब्रेरियों से हटाया जाएगा।
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बीजेपी सरकार में मंत्री गौरीशंकर घोष ने दी जानकारी
वहीं, जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या राज्य भर की लाइब्रेरियों में पूर्व सीएम की लिखी किताबों को जगह नहीं मिलेगी। इस पर सुवेंदु सरकार के मंत्री ने कहा कि जिन किताबों से बच्चों के मन, व्यक्तित्व और बौद्धिक विकास न हो, उन किताबों के पुस्तकालयों में रहने से क्या फायदास उन्हें लाइब्रेरियों में रखकर वहां की जगह खराब नहीं की जाएगी। बल्कि इसकी जगह लाइब्रेरियों में रवींद्रनाथ टैगोर, काजी नजरुल इस्लाम और स्वामी विवेकानंद की रचनाओं के साथ-साथ छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप जैसी ऐतिहासिक विभूतियां की जीवनियों को स्थान दिया जाएगा।
Created On :   12 Jun 2026 10:08 PM IST










