राज्यसभा चुनाव 2026: राष्ट्रपति भवन की तरफ जा रहे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और तमाम कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने हिरासत में लिया

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन की तरफ जा रहे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और तमाम कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।कांग्रेस पार्टी नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के विरोध में जंतर-मंतर पर 'सत्याग्रह' कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
आपको बता दें विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंद सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल राष्ट्रपति से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे, राष्ट्रपति की ओर से समय ना मिलने पर कांग्रेस विधायकों और पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकालने की कोशिश की, जब पुलिस ने उन्हें रोका तो कांग्रेस नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने लगे। जिसके चलते पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया है।
प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा है कि BJP और चुनाव आयोग अब 'वोट चोरी' से आगे बढ़कर 'सीट चोरी' पर उतर आए हैं। मीनाक्षी नटराजन जी का राज्यसभा नामांकन रद्द होना इसी साजिश का सबूत है- जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये बाबा साहेब के संविधान पर सीधा हमला है- लोकतंत्र की हत्या है। जनादेश का अपमान है। इस तानाशाही और मनमानी का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा वे देश की राष्ट्रपति हैं किसी पार्टी की राष्ट्रपति नहीं हैं। जिस प्रकार से उन्होंने नहीं मिलने का मेल भिजवाया इससे स्पष्ट है कि वे भाजपा के एजेंट के रुप में काम कर रही हैं। क्या लोकतंत्र को राष्ट्रपति नहीं बचाना चाहतीं?
इससे पहले कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर मीडिया के सामने कहा चूंकि यह मामला कोर्ट में है और अभी सर्वोच्च अदालत में इसकी सुनवाई हो रही है, इसलिए मैं आज इस पर विस्तार से बात नहीं करूंगी और न ही सभी कानूनी पहलुओं पर चर्चा करूंगी। हालांकि, एक खास बात पहले से ही सार्वजनिक है, क्योंकि यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
नटराजन ने आगे कहा ये पूरा मामला एक खास दस्तावेज फॉर्म 26 के इर्द-गिर्द घूमता है। आरोप है कि मैंने फॉर्म 26 में कुछ जानकारी दर्ज नहीं की और तथ्यों को छिपाया, सबसे अहम बात, जिससे यह पूरा विवाद शुरू हुआ, वह है किसी लंबित आपराधिक मामले या सजा-योग्य अपराधों के लिए दोषी ठहराए जाने की जानकारी देना।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ये मुझ पर लागू नहीं होते क्योंकि मुझे केवल एक कानूनी नोटिस मिला था। मैंने ECI को सौंपे गए ज्ञापन में उस नोटिस के बारे में पूरी कानूनी जानकारी दी थी, और आज सुप्रीम कोर्ट में भी वही तथ्य पेश करूंगी। यह सिर्र् एक कानूनी नोटिस है, कोर्ट ने अभी तक इस केस का संज्ञान भी नहीं लिया है। इसलिए, यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसे असल में कहां दर्ज किया जाना था। फॉर्म 26 में ऐसा कोई कॉलम नहीं है जिसमें किसी भी तरह की निजी शिकायतों की जानकारी देनी हो। अगर ऐसा कोई कॉलम होता, तो मैंने निश्चित रूप से वह जानकारी दी होती।
Created On :   12 Jun 2026 12:46 PM IST







