नामांकन केस में भोपाल से दिल्ली शिफ्ट हुआ पॉलिटिकल ड्रामा: राष्ट्रपति ने विपक्षी विधायकों को मिलने का समय देने से किया इनकार, राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस की पीसी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द केस में पूरा पॉलिटिकल ड्रामा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शिफ्ट हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है,उससे पहले कांग्रेस विधायक दल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति भवन की ओर से कांग्रेस विधायक दल को मिलने का समय देने से इनकार किया गया है। इससे पहले मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दिल्ली पहुंचा और राष्ट्रपति भवन तक मार्च होने की बात सामने आई। राष्ट्रपति की ओर से समय ना मिलने को लेकर सिंघार ने मीडिया से कहा लोकतंत्र की आवाज जब दरवाजे पर दस्तक दे रही है, तो राष्ट्रपति भवन में सन्नाटा क्यों है? कांग्रेस विधायकों से मिलने के लिए राष्ट्रपति के पास समय नहीं है।
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दिल्ली में कांग्रेस की आयोजित पीसी में प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा भारतीय राजनीति में ये पहला मामला है, जिसमें राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन निरस्त किया गया है और ये देश में चर्चा का विषय है। आज मध्य प्रदेश के हमारे विधायक यहां मौजूद हैं और निर्दलीय विधायक भी हमारे साथ हैं। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और बीजेपी पर भी निशाना साधा, पटवारी ने पीसी में इसे लेकर कहा हमारे यहां राज्यसभा चुनाव को लेकर जो उत्साह और एकजुटता थी, उससे नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश में BJP का पूरा नेतृत्व भयभीत हो गया। यही कारण रहा कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में ऐसा अपराध कर दिया, जो सरपंच और जनपद के छोटे-छोटे चुनाव में किया जाता है। हमें मीडिया से भी उम्मीद है कि वे पूरी निष्पक्षता के साथ इस घटनाक्रम को देश की जनता के सामने ले जाएंगे।
उमंग सिंघार ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा देश में जिस तरह की परिस्थितियां बन रही हैं, उस कारण हमारा देश 'इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी' की तरफ जा रहा है। स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी ने हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित कर बताया है कि विश्व में कई देश इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी की तरफ बढ़ रहे हैं। यानी ऐसा चुनावी सत्तावाद, जहां सिर्फ नाम का विपक्ष रहे, नाम का मीडिया रहे। सेंशरशिप वाली मीडिया के मामले में चीन सबसे बड़ा उदाहरण है। कार्यपालिका केंद्रीकरण, विधायिका की सरकार पर कमजोर निगरानी, आम व्यक्ति की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोकना, पत्रकारों का उत्पीड़न- ये सब आज हमारे देश में हो रहा है। आज देश में जो हालत बन रहे हैं, उस पर चिंतन करने की जरूरत है।
मीनाक्षी नटराजन जी का राज्यसभा के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया। जब रिटर्निंग ऑफिसर से पूछा गया कि आपने ये गलती क्यों की? तब रिटर्निंग ऑफिसर का जवाब आया- मुझे पता है मैंने गलती की है, लेकिन मुझे नौकरी करनी है और इनके साथ रहना है। सरकार इन्हीं की है। हालात देखिए कि रिटर्निंग ऑफिसर भी मान रहा है कि उसने दबाव में गलत काम किया है। वहीं, दूसरी तरफ चुनाव आयोग भी सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रहा है। चुनाव आयोग ने कल सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्हें हमारी याचिका नहीं मिली, जबकि कांग्रेस का डेलिगेशन दो दिन पहले उनसे मिल चुका है। अफसोस की बात है कि चुनाव आयोग ही लोकतंत्र का गला घोंट रहा है। BJP पहले 'वोट चोरी' किया करती थी, अब वो सीधा 'सीट चोरी' करने लगी है।
नई दिल्ली में AICC कार्यालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटरजान,जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक फूल सिंह बरैया, विक्रांत भूरिया समेत कई नेता मंच पर मौजूद रहे।
कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा अब राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने आए हैं। हम मानते हैं कि इसमें न्याय होना चाहिए।
Created On :   12 Jun 2026 12:34 PM IST








