राज्यसभा चुनाव 2026: सुप्रीम कोर्ट से नामांकन रद्द केस में कांग्रेस को बड़ा झटका, याचिका खारिज होने पर मीनाक्षी नटराजन ने कहा सांठगांठ चल रही है

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की याचिका को खारिज कर दिया है, टॉप कोर्ट ने कहा चुनावी प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने कहा याचिकाकर्ता हाईकोर्ट जा सकती है। याचिका खारिज होने पर नटराजन ने कहा साजिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया को जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया है। याचिकाकर्ता की सभी दलीलें सुनने के बाद सुको ने कहा याचिका कर्ता की ओर से बताया गया कि रिटर्निंग ऑफीसर ने आदेश दिया है कि पिटीशनकर्ता ने अधूरा फॉर्म भरा है और अपने खिलाफ चल रहे शिकायत केस की जानकारी नहीं दी है, याचिकाकर्ता ने इस केस में लिखित दलीलें भी पेश की थीं, इसलिए उन्हें केस की पूरी जानकारी थी।
RO के आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने भारतीय निर्वाचन आयोग का रुख किया था, लेकिन ECI ने आरओ और उसके फैसले पर कोई आदेश पारित नहीं किया। संविधान के अनुच्छेद 329 b के तहत चुनावी प्रक्रिया में रोक (Stay) लागू नहीं होती क्योंकि याचिकाकर्ता चुनावी प्रोसेस को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा करना चाहती हैं।
कांग्रेस नेता नटराजन ने मीडिया के सामने याचिका खारिज होने पर कहा मेरा कोई आरोप सुप्रीम कोर्ट पर नहीं है। चुनाव आयोग के RO कॉम्प्रोमाइजड थे ये मैंने पहले दिन भी कहा। ECI के पास जब हमारे लोग गए तो उन्होंने 48 घंटे तक जवाब नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कम से कम हमारी बात सुनी। चुनाव आयोग इस तरह से मिला है कि उन्होंने उस पर कोई जवाब तक नहीं दिया। हमारा मामला RO और ECI के खिलाफ था। लेकिन आज स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश ने अपना भी वकील खड़ा किया। इससे आराम से समझ में आता कि क्या सांठगांठ चल रही है। आपको बता दें नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट में राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द को चुनौती दी गई थी।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के केस में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। नटराजन ने चुनाव आयोग के आरओ की ओर से नामांकन कैंसिल करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी तथा भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील डी.एस. नायडू ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग का विरोध किया था।
राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन समेत तमाम कांग्रेस नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यवाही को निष्पक्ष ना होने का आरोप लगाते हुए नामांकन रद्द को सियासी साजिश बताया है।
बीते दिन गुरुवार को टॉप कोर्ट में नटराजन की ओर से पेश सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने केस को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी। अवकाशकालीन पीठ के जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर ने केस की शीघ्र सुनवाई का आश्वासन दिया था।
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सिंघवी ने अदालत को बीते दिन शीर्ष कोर्ट की पीठ के सामने बताया कि गुरुवार नामांकन वापसी की आखिरी दिन है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि केस की फौरन सुनवाई नहीं हुई तो याचिकाकर्ता को प्रभावी राहत पाने के लिए छह साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने विवाद के अंतिम निपटारे तक चुनाव परिणाम की घोषणा पर रोक लगाए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन पीठ ने इस पर कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया और केस को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का डिसीजन लिया।
कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने नटराजन केस में सुप्रीम कोर्ट जाने पर बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा पूरा तंत्र भाजपा ने हैक कर लिया है। हमने सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई करने को बोला था वो नहीं की गई है। आज सुनवाई की। इंतजार हो रहा था कि कल घोषणा हो जाए उसके बाद सुनवाई हो। चुनाव आयोग में भी हमने सीधी बात की थी। अब राष्ट्रपति जी के सामने अपनी बात रखने आए हैं। हम मानते हैं कि इसमें न्याय होना चाहिए
Created On :   12 Jun 2026 11:51 AM IST







