दैनिक भास्कर हिंदी: बीसीसीआई अधिकारी का दावा, क्रिकेट पर सट्टेबाजी में सबसे आगे भारत

October 19th, 2018

हाईलाइट

  • एसीयू के महाप्रबंधक एलेक्स मार्शल ने इस तरह के मामलों में आई जांच रिपोर्ट्स के आधार पर यह दावा किया है
  • एसीयू ने हाल ही में इंग्लैंड और श्रीलंका के क्रिकेटर्स से जुड़े भ्रष्ट लोगों के बारे में सूचनाएं साझा की

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) श्रीलंका क्रिकेट में भ्रष्टाचार की गहरी जांच करने में जुटा हुआ है। आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) के महाप्रबंधक (जीएम) एलेक्स मार्शल ने इस तरह के मामलों में आई जांच रिपोर्ट्स के आधार पर यह दावा किया है की, क्रिकेट से जुड़ी भ्रष्टाचार गतिविधियों में ज्यादातर भारतीय सट्टेबाज शामिल रहते हैं। यह बात उन्होंने तब कही जब वे श्रीलंका क्रिकेट में भ्रष्टाचार को लेकर क्रिकेट की इस वैश्विक संस्था की ओर से की जा रही जांच के बारे में बात कर रहे थे। एसीयू ने हाल ही में इंग्लैंड और श्रीलंका के क्रिकेटर्स से जुड़े भ्रष्ट लोगों के बारे में सूचनाएं साझा की थीं।

इस सप्ताह की शुरुआत में श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनत जयसूर्या पर आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी इकाई के साथ सहयोग नहीं करने और जांच में रुकावट डालने का आरोप लगाया गया था। अब उन पर आईसीसी भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के तहत आरोप तय किए गए हैं। यह पूछने पर कि क्या सारे सक्रिय सट्टेबाज स्थानीय हैं तो आईसीसी की एसीयू के महाप्रबंधक मार्शल ने कहा, ‘श्रीलंका में स्थानीय और भारतीय सट्टेबाज दोनों शामिल थे, लेकिन दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में सबसे ज्यादा सट्टेबाज भारतीय ही हैं।’ 

मार्शल का यह खुलासा हालांकि हैरान करने वाला नहीं है, क्योंकि 2000 मैच फिक्सिंग स्कैंडल के केंद्र में भारतीय सट्टेबाज ही थे। एक दिन पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने खुद पर लगे स्पॉट-फिक्सिंग के आरोप को स्वीकार किया है और यह भी बताया है कि, उन्होंने मैच फिक्स करने के लिए भारतीय सट्टेबाज अनु भट्ट से धन लिया था।

मार्शल ने कहा, 'इंग्लैंड और श्रीलंका के खिलाड़ियों से जानकारी साझा करने के दौरान हमने उन्हें क्रिकेट में सक्रिय सट्टेबाज लोगों के नाम और तस्वीरें दिखाईं। हमने उन्हें बताया कि कैसे इन लोगों ने इंग्लैंड-श्रीलंका के बीच दुनिया में कहीं भी हुए टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों को फिक्सिंग में शामिल करने की प्रयास किए थे। उन्होंने कहा, 'हमने खिलाड़ियों को नाम बताने के साथ-साथ अन्य जानकारियां भी दीं हैं। हमारा मानना है कि इस तरीके से हम खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से सूचित कर सकते थे।