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Denmark open: सिंधू, प्रणीत और समीर दूसरे राउंड में हार कर टूर्नामेंट से बाहर

Denmark open: सिंधू, प्रणीत और समीर दूसरे राउंड में हार कर टूर्नामेंट से बाहर

हाईलाइट

  • पी.वी. सिंधू, प्रणीत और समीर दूसरे राउंड में हार कर टूर्नामेंट से बाहर
  • वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सिंधू को यंग ने 21-14, 21-17 से हराया
  • वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद सिंधू का यह लगातार तीसरा टूर्नामेंट है जहां वे शुरुआती राउंड में ही बाहर हो गईं

डिजिटल डेस्क, ओदेंसी। वर्ल्ड चैंपियनशिप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारत की स्टार महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधू का खराब प्रदर्शन जारी है। सिंधू गुरुवार को डेनमार्क ओपन के विमेंस सिंगल्स के दूसरे राउंड के मुकाबले में 17 साल की दक्षिण कोरिया की एन से यंग से हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सिर्फ सिंधू ही नहीं मेंस सिंगल्स कैटेगरी में भी भारत को निराशा हाथ लगी है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट बी. साई प्रणीत और समीर वर्मा भी प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सिंधू को यंग ने 21-14, 21-17 से हराया। इस हार के साथ ही सिंधू टूर्नामेंट से बाहर हो गई। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला कुल 40 मिनट तक चला। अगस्त में स्विट्जरलैंड में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली वर्ल्ड नंबर-6 सिंधू और वर्ल्ड नंबर-19 एन से-यंग के बीच यह अबतक का पहला मुकाबला था। क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की खिलाड़ी का सामना स्पेन की दिग्गज कोरोलिना मारिन से होगा। वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद सिंधू का यह लगातार तीसरा टूर्नामेंट है जहां वे शुरुआती राउंड में ही बाहर हो गईं। चीन ओपन और कोरिया ओपन में भी सिंधू ज्यादा आगे नहीं जा पाई थीं।

प्रणीत भी अपनी सफलता को कायम रखने में विफल रहे। जापान के कंटो मोमोटा के सामने वह कमजोर ही नजर आए। मोमोटा ने भारतीय खिलाड़ी को 21-6, 21-14 से हराया।समीर का सामना भी चीन के दिग्गज चेन लोंग से था। जिन्होंने भारतीय खिलाड़ी को 38 मिनट में 21-12, 21-10 से मात दी। मेंस डबल्स में भी भारत के हिस्से जीत नहीं आ सकी। यहां सात्विकसाइराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन के चेंग हान चेंग केई और झाओ हाओ डोंग की जोड़ी ने 21-16, 21-15 से हराया।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।