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2019 वर्ल्डकप खेलेंगे धोनी, संन्यास लेने की अटकलों को किया खारिज

August 08th, 2018 12:51 IST

हाईलाइट

  • महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपने संन्यास लेने की अटकलों को खारिज कर दिया।
  • 2019 वर्ल्डकप तक वह संन्यास लेने पर कोई भी फैसला नहीं लेंगे।
  • धोनी ने कप्तान विराट कोहली की भी तारीफ की।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपने संन्यास लेने की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि 2019 वर्ल्डकप तक वह सन्यास लेने पर कोई भी फैसला नहीं लेने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अभी पूरी तरह फिट हैं और अगले साल होने वाले वर्ल्डकप के बाद ही इसपर निर्णय लेंगे। बता दें कि पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम वनडे में धोनी ने अंपायर से बॉल मांगा था। उसके बाद से यह अटकलें लगाई जा रही थी कि धोनी संन्यास लेने जा रहे हैं। 

क्या कहा धोनी ने
भारत के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, 'मैंने वह बॉल स्विंग परखने के लिए मांगा था। मुझे यह जानना था कि हमारे गेंदबाजों को स्विंग हासिल क्यों नहीं हो सका। हमें अगले साल वहां वर्ल्डकप खेलना है और यह जानना जरूरी था। इसी वजह से मैंने अंपायर से बॉल मांगी। इसमें मेरे संन्यास लेने जैसी कोई बात नहीं। ICC के नियमानुसार वह गेंद वैसे भी अनुपयोगी हो जाती है। मैंने वह बॉल लेने के बाद बॉलिंग कोच को दे दिया था।

धोनी ने कोहली को लेकर कही ये बात
महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय कप्तान विराट कोहली की भी तारीफ की। पहले टेस्ट में कोहली ने 149 रनों की पारी खेली थी।। इस पर धोनी ने कहा कि वह एक शानदार शतक था। धोनी ने कहा, 'कोहली टीम के लीडर हैं और आप एक टीम लीडर से यही चाहते हो कि वह फ्रंट से लीड करे। मैं उन्हें आगे के लिए शुभकामनाएं देता हूं।' वहीं इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए धोनी ने जीत के कुछ टिप्स भी दिये। धोनी ने कहा कि टेस्ट मैच जीतने के लिए किसी भी टीम को विपक्षी टीम के 20 विकेट लेने होते हैं। कोई टीम चाहे कितनी भी अच्छी बल्लेबाज कर ले लेकिन आप मैच विपक्षी टीम को ऑलआउट कर ही जीत सकते हैं।

बता दें कि धोनी मंगलवार को मुंबई के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में वह 'रन ऐडम' नामक एप लांच करने पहुंचे थे। इस एप में धोनी के 25 प्रतिशत शेयर हैं। साथी ही वह इस एप के ब्रांड एंबेसडर और मेंटर भी होंगे।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।