दैनिक भास्कर हिंदी: अल्बेनियन ईगल सैल्यूट पर शकिरी और ज़ाका घिरे, लग सकता है 2 मैच का बैन

June 25th, 2018

हाईलाइट

  • स्विट्ज़रलैंड ने यह मैच 2-1 से जीता था।
  • ग्रेनिट ज़ाका और शकिरी ने गोल करने के बाद हाथ से अल्बेनियन राष्ट्रवादी प्रतीक ईगल का सिम्बल बनाया था
  • ये अल्बेनियन ध्वज पर बनी ईगल को रिफ्लेक्ट करता है।
  • ये सिम्बल सर्बियाई राष्ट्रवादियों और एथनिक अल्बानियाई लोगों के बीच बाल्कन में राजनीतिक तनाव को उजागर कर सकता था।

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। फीफा वर्ल्डकप में कॉन्ट्रोवर्सी आम बात है पर 23 जून को स्विट्ज़रलैंड बनाम सर्बिया के मैच में कुछ ऐसा हुआ जिसकी सर्बिया के फैन्स को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी। स्विट्ज़रलैंड ने यह मैच 2-1 से जीता था। स्विट्ज़रलैंड के जीत के हीरो रहे अल्बानिया-कोसोवन हेरिटेज के ग्रेनिट ज़ाका और शकिरी ने गोल करने के बाद हाथ से अल्बेनियन राष्ट्रवादी प्रतीक ईगल का सिम्बल बनाया था, जो अल्बेनियन ध्वज पर बनी ईगल को रिफ्लेक्ट करता है। यह सिम्बल सर्बियाई राष्ट्रवादियों और एथनिक अल्बानियाई लोगों के बीच बाल्कन में राजनीतिक तनाव को उजागर कर सकता था। फीफा फेडरेशन ने इसके जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषी पाए जाने पर ज़ाका और शकिरी दोनों पर दो-दो मैच का बैन भी लग सकता है।

शनिवार को सर्बियाई फुटबॉल एसोशिएशन ने फीफा फेडरेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज की थी। फीफा की गवरनिंग बॉडी ने एक रिपोर्ट में  ज़ाका और शकिरी दोनों पर जांच होने की पुष्टि की। मैच के बाद सर्बियाई कोच, म्लेडन क्रिस्टजिक द्वारा किए गए कथित टिप्पणियों पर भी फीफा ने प्रारंभिक जांच शुरू की है। वहीं फीफा फेडरेशन, सर्बियाई एफए के खिलाफ भीड़ में अशांति फैलाने के साथ पॉलिटिकल एंड ऑफेंसिव मैसेज दिखाने के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही भी करेगी।

बता दें कि कोसोवो एक पूर्व सर्बियाई प्रांत है। कोसोवो ने 2008 में खुद को आजात घोषित कर दिया था। अल्बेनिया पहला ऐसा देश था, जिसने कोसोवो को सर्बिया से अलग देश होने की मान्यता दी थी। हालांकि सर्बिया ने कोसोवो की आजादी को अभी तक मान्यता नहीं दी है। इस मामले पर अल्बेनिया और सर्बिया में संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। शकिरी कोसोवो में पैदा हुए थे। इस मैच में उनके एक बूट पर कोसोवन ध्वज की सिलाई थी, वहीं दूसरे पर स्विस ध्वज की सिलाई थी। ज़ाका के माता-पिता भी कोसोवो से हैं और अल्बेनियन हेरिटेज के हैं।  दोनों ही खिलाड़ियों ने मैच में सर्बिया के खिलाफ गोल किए थे और सर्बिया के दर्शकों को चिढ़ाते हुए अल्बेनियन ईगल को सैल्यूट किया था।

फीफा नियमों के आधार पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाने के लिए सीधे तौर पर दंड का प्रावधान नहीं है। इसके डिसीप्लीनरी कोड के अनुसार, आम जनता को उत्तेजित करने कि स्थिती में प्रतिबंध का प्रावधान है। दोषी पाए जाने की स्थिती में खिलाड़ियों को दो मैच के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है। हालांकि शकिरी और ज़ाका ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने यह सिम्बल किसी की भावनाओं को आहत करने के लिए नहीं किया। शकिरी ने कहा, 'वह एक शानदार गोल था। मेरी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण गोल और मुझे गर्व है कि मैंने उनके लिए यह गोल किया और हम जीते। मैं उस सिम्बल पर चर्चा नहीं कर सकता। हम फुटबॉलर्स हैं, पॉलिटीशियंस नहीं। फुटबॉलरों के अंदर भी बहुत सारी भावनाएं होती हैं।'