comScore

FIFA WC : फेयरप्ले के आधार पर बाहर हुई सेनेगल, जापान-कोलंबिया अंतिम-16 में पहुंचे

June 29th, 2018 14:12 IST
FIFA WC : फेयरप्ले के आधार पर बाहर हुई सेनेगल, जापान-कोलंबिया अंतिम-16 में पहुंचे

हाईलाइट

  • कोलंबिया और जापान की टीम ग्रुप H से फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 में पहुंच गई है।
  • जापान, पोलैंड से हारकर भी राउंड ऑफ-16 में पहुंच गया।
  • राउंड ऑफ-16 में कोलंबिया और जापान का मुकाबला ग्रुप-H की टॉप-2 टीमों से होगा।

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। कोलंबिया और जापान की टीम ग्रुप H से फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 में पहुंच गई है। शुक्रवार को खेले गए ग्रुप H के मुकाबलों में जहां एक तरफ कोलंबिया ने सेनेगल को 1-0 से हराकर अपनी जगह नॉकआउट स्टेज के लिए पक्की की। वहीं जापान, पोलैंड से हारकर भी राउंड ऑफ-16 में पहुंच गया। जापान और सेनेगल के बराबर अंक थे और गोल डिफरेंस भी बराबर था, ऐसे में फेयरप्ले के आधार पर जापान ने पाइंट टेबल में अपना दूसरा स्थान पक्का कर लिया और सेनेगल को बाहर होना पड़ा।  राउंड ऑफ-16 में कोलंबिया और जापान का मुकाबला ग्रुप-H की टॉप-2 टीमों से होगा।

कोलंबिया बना ग्रुप विनर
कोलंबिया और सेनेगल के बीच मुकाबला टक्कर का रहा। पहले हॉफ में सेनेगल, कोलंबिया पर भारी नजर आई। शानदार अटैक और मजबूत डिफेंस के दम पर सेनेगल ने मैच के शुरुआती पलों में ही अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी। पहले हॉफ में सेनेगल ने कुछ अच्छ मूव्स बनाए, हालांकि उसके स्ट्राइकर इन मौकों को भूना नहीं पाए। हॉफ टाइम तक स्कोर 0-0 था और ऐसा लग रहा था कि सेनेगल मैच निकाल ले जाएगी, लेकिन मैच के दूसरे हॉफ में कोलंबिया ने वापसी की। 74वें मिनट में मीना ने हेडर से शानदार गोल कर कोलंबिया को 1-0 से निर्णायक बढ़त दिला दी। कोलंबिया ने यह लीड मैच के अंत तक बरकरार रखी और ग्रुप विनर के रूप में राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली।

फेयरप्ले के तहत बाहर होने वाली पहली टीम बनी सेनेगल

सेनेगल के इस हार के बाद भी चार अंक थे, जो जापान के बराबर थे। गोल डिफरेंस भी दोनों टीमों का बराबर था, लेकिन फेयरप्ले के मामले में सेनेगल (-6), जापान (-4) से पिछड़ गई। जापान को जहां 3 मैचों में 4 यलो कॉर्ड्स मिले वहीं सेनेगल को इतने ही मैचों में कुल 6 यलो कॉर्ड्स मिले। यह वर्ल्डकप में पहली बार है जब कोई टीम फेयरप्ले के आधार पर ग्रुप स्टेज से बाहर हुई हो। अगर जापान, पोलैंड से 2-0 से हार जाती तो सेनेगल गोल डिफरेंस के आधार पर नॉक ऑउट के लिए क्वालिफाई कर जाती, लेकिन जापान ने अंतिम पलों में डिफेंस कर पोलैंड को ऐसा नहीं करने दिया। इसी के साथ अब राउंड ऑफ-16 में एक भी अफ्रीकी टीम नहीं होगी। यह 1986 में राउंड ऑफ 16 राउंड शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है, जब कोई अफ्रीकी टीम इस नॉक आउट स्टेज में नहीं पहुंची है।

राउंड ऑफ-16 में एकमात्र एशियाई टीम है जापान

ग्रुप G से पोलैंड पहले ही बाहर हो चुका था। पोलिश टीम सम्मान के साथ विदा होने के लिए इस मुकाबले को जीतन उतरी थी और इसमें उन्हें कामयाबी भी मिली। पोलैंड ने जापान को 1-0 से हरा दिया।  पोलैंड की तरफ से गोल बेदनारेक ने 59वें मिनट में किया। मैच खत्म होने के बाद जापानी दर्शक और खिलाड़ी सेनेगल और कोलंबिया के मैच के नतीजे का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही यह नतीजा आया, सभी जापानी खिलाड़ी और दर्शक झूम उठे।

कमेंट करें
5nAs7
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।