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अगर मौका मिला तो फिर से भारत के लिए खेलना पसंद करूंगा : श्रीसंत

June 20th, 2020 22:00 IST
 अगर मौका मिला तो फिर से भारत के लिए खेलना पसंद करूंगा : श्रीसंत

हाईलाइट

  • अगर मौका मिला तो फिर से भारत के लिए खेलना पसंद करूंगा : श्रीसंत

नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। भारतीय तेज गेंदबाज शांताकुमार श्रीसंत ने कहा है कि अगर उन्हें मौका दिया जाता है तो फिर से भारत के लिए खेलने के लिए तैयार हैं।

श्रीसंत ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, मैं यहां प्रतिस्पर्धा करने के लिए नहीं हूं। मैं यहां केवल खिलाड़ियों की मदद करने और उनके साथ अपना अनुभव साझा करने के लिए हूं। अगर चयनकर्ता मुझे मौका देते हैं और अगर भारत 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में खेलता है तो मैं इसमें खेलना पसंद करूंगा।

श्रीसंत अपना प्रतिबंध समाप्त होने के बाद केरल की रणजी टीम में खेल सकते हैं। केरल क्रिकेट संघ (केसीए) ने सितंबर में उनका प्रतिबंध समाप्त होने के बाद रणजी टीम में चयन के लिए उनके नाम पर विचार करने का फैसला किया है। हालांकि श्रीसंत को उससे पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।

श्रीसंत ने कहा, मुझे यह अवसर प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। मेरे अंदर असफलता या सफलता का कोई डर नहीं है। बहुत से लोग असफलता के डर या सफलता के कारण भी प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहते, वे नहीं जानते कि सफलता का क्या करना है।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं अब एक संतुलित ²ष्टिकोण रख सकता हूं। मेरे साथ खड़े होने के लिए मेरे परिवार और दुनिया भर में मलयाली लोगों का धन्यवाद। मेरा ²ष्टिकोण अब केवल अपना अनुभव साझा करना और खिलाड़ियों की मदद करना है, चाहे वे कोई भी हों।

बीसीसीआई ने 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। 2015 में हालांकि दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन पर लगे सभी आरोपों से उन्हें बरी कर दिया था।

वर्ष 2018 में केरल उच्च न्यायालय ने बीसीसीआई द्वारा उन पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को खत्म कर दिया था और उसके खिलाफ सभी कार्रवाई को भी रद्द कर दिया था। हालांकि, उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने प्रतिबंध की सजा को बरकरार रखा था।

श्रीसंत ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मार्च में उनके अपराध को बरकरार रखा था, लेकिन बीसीसीआई को उनकी सजा कम करने को कहा था और भारतीय बोर्ड ने उनकी आजीवन प्रतिबंध की सजा को घटाकर सात साल कर दिया था, जोकि इस साल अगस्त में समाप्त हो जाएगा।

37 वर्षीय श्रीसंत ने भारत के लिए अब तक 27 टेस्ट, 53 वनडे और 10 टी 20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमश : 87, 75 और सात विकेट झटके हैं।

- -आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।