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अगर जरूरत पड़ी तो फिर ओलंपिक के स्थगन का समर्थन करेंगे : ताकाहाशी

June 16th, 2020 17:45 IST
अगर जरूरत पड़ी तो फिर ओलंपिक के स्थगन का समर्थन करेंगे : ताकाहाशी

हाईलाइट

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डिजिटल डेस्क, टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक के खेल समिति के कार्यकारी बोर्ड के एक सदस्य ने कहा है कि अगर 23 जुलाई 2021 से टोक्यो ओलंपिक का आयोजन संभव नहीं हो पाया तो इस खेल को एक बार और स्थगित किया जाएगा। यह पहली बार है जब किसी अधिकारी ने टोक्यो ओलंपिक के दूसरी बार स्थगित होने की बात कही है। टोक्यो ओलंपिक का आयोजन इस साल जुलाई-अगस्त में होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

जापान की समाचार पत्र निक्कन स्पोटर्स ने कार्यकारी बोर्ड के सदस्य हारयुकी ताकाहाशी के हवाले से कहा कि आयोजनकर्ताओं को रद्दीकरण से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर यह रद्द हुआ तो जापान और विश्च की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगा। ताकाहाशी ने कहा कि अगर अगले साल जुलाई-अगस्त में ओलंपिक के आयोजन में मुश्किलें आती है तो अंतर्राष्ट्री ओलंपिक समिति को इसे दोबारा से स्थगित करने के बारे में सोचना चाहिए।

सदस्य ने कहा, हमारी प्राथमिकता एकजुट होकर 2021 की गर्मियों में खेलों (ओलंपिक) को आयोजित करने का है। अगर यह संभव नहीं हुआ तो हमें एक और विलंब के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाक और स्थानीय आयोजन समिति के अध्यक्ष तोशीरो मोरी ने हालांकि ओलंपिक में और देरी से इनकार करते हुए कहा था कि अगर यह 23 जुलाई 2021 को शुरू नहीं हुआ तो इसे रद्द कर दिया जाएगा।

टोक्यो ओलंपिक 2020 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तोशिरो मुटो ने शुक्रवार को कहा था कि ओलंपिक खेलों के लिए 80 फीसदी आयोजन स्थल सुरक्षित किए गए हैं। मुटो ने पत्रकारों से कहा था कि नए नेशनल स्टेडियम सहित जिन आयोजन स्थलों को सुरक्षित किया गया है, उनमें दूसरे अन्य सुविधाओं को सुरक्षित करने के लिए बातचीत जारी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।