दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने लगाई हार की 'फिफ्टी', पहली बार बने ये कारनामे

October 2nd, 2017

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को नागपुर में खेले गए आखिरी वनडे में 7 विकेट से हराकर टीम इंडिया ने 5 वनडे की इस सीरीज पर 4-1 से कब्जा कर लिया। इसी के साथ टीम इंडिया वनडे रैंकिंग में दोबारा से पहले नंबर पर आ गई है। मैच की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया के सामने 243 रनों का टारगेट रखा, जिसे टीम इंडिया ने सिर्फ 42.5 ओवरों में ही हासिल कर लिया। ये पहली बार था, जब 5 वनडे की सीरीज में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराया। इसके अलावा इस सीरीज में और भी कई ऐसे कारनामे हुए, जो पहली बार हुए हैं। 

1. टीम इंडिया की तरफ से पहली बार ओपनिंग बैट्समैन ने लगातार तीन पारियों में 100 रन या उससे ज्यादा की पार्टनरशिप की है। सीरीज के पहले दो मैचों में 11 और 19 रनों की पार्टनरशिप करने के बाद रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने आखिरी तीन मैचों में 100 रन से ज्यादा की पार्टनरशिप की। दोनों खिलाड़ियों के बीच इंदौर में 139, बैंगलुरु में 106 और नागपुर में 124 रनों की पार्टनरशिप हुई। 

2. नागपुर वनडे में केदार जाधव ने पहली बार अपना 10 ओवर का स्पेल पूरा किया। इससे पहले केदार जाधव अपना 10 ओवर का स्पेल पूरा नहीं कर पाए थे। अपने 10 ओवर के स्पेल में जाधव ने 48 रन दिए और ऑस्ट्रेलियाई कैप्टन स्टीव स्मिथ का विकेट भी लिया। इससे पहले जाधव ने एक मैच में सबसे ज्यादा 8 ओवर डाले थे। केदार जाधव अभी तक के करियर में केन विलियमसन, डेविड वॉर्नर, एंजेलो मैथ्यूज और तमीम इकबाल जैसे बड़े विकेट ले चुके हैं। 

3. नागपुर वनडे हारते ही ऑस्ट्रेलिया ने इंडिया में अपनी हार की फिफ्टी भी पूरी की। ऑस्ट्रेलिया की टीम इंडिया में अब तक 50 मैच हार चुकी है, जो सबसे ज्यादा है। विदेशी धरती पर सबसे ज्यादा मैच ऑस्ट्रेलिया इंडिया में ही हारी है। इंडिया के अलावा ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड में भी 49 वनडे मैच हार चुकी है। आखिरी बार भी जब 2013 में ऑस्ट्रेलिया इंडिया आई थी, तब भी उसे सीरीज गंवानी पड़ी थी। 

4. टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली हर सीरीज में सेंचुुरी लगाने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज में विराट कोहली का बल्ला शांत ही रहा। इस सीरीज में विराट एक भी सेंचुरी नहीं लगा सके। विराट ने इस सीरीज में सबसे ज्यादा 92 रन बनाए हैं, जबकि बाकी के मैचों में कोहली फिफ्टी भी नहीं लगा सके। इससे पहले 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में कोहली ने एक भी सेंचुरी नहीं लगाई