दैनिक भास्कर हिंदी: IPL : कोच्चि टस्कर्स ने जीता केस, BCCI से मांगा 850 करोड़ का हर्जाना

October 25th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। BCCI के खिलाफ IPL फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स टीम ने आर्बिट्रेशन का केस जीत लिया है। मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी। कोच्चि टस्कर्स ने केस जीतने के साथ ही BCCI से 850 करोड़ रुपए हर्जाने के रूप में मांगे हैं। बता दें कि IPL फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स साल 2011 में निलंबित की गई थी।

 

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IPL चेयरमैन राजीव शुक्ला ने बैठक के बाद कहा, ‘कोच्चि टस्कर्स ने 850 रूपये मुआवजा मांगा है। हमने IPL की संचालन परिषद की बैठक में इस पर चर्चा की। अब मसला आमसभा की बैठक में रखा जाएगा। वे फैसला लेंगे लेकिन मामले पर बातचीत की जरूरत है।'

 

IPL संचालन परिषद के एक सदस्य ने कहा कि हमें कोच्चि को मुआवजा देना होगा। आम तौर पर पंचाट का फैसला खिलाफ आने पर इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देना बेवकूफी होती है। हमारे द्वारा सभी कानूनी विकल्पों पर चर्चा हो चुकी है।

 

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कोच्चि टस्कर्स केरला फ्रेंचाइजी ने साल 2011 में IPL में डेब्यू किया था लेकिन उसका सफर सिर्फ इस सीजन तक ही सीमित रहा था। 2011 में BCCI ने कोच्चि टस्कर्स केरला को निलंबित कर दिया था, क्योंकि यह फ्रेंचाइजी 156 करोड़ रुपए के सालाना भुगतान की बैंक गारंटी देने में नाकाम रही थी। इसके बाद कोच्चि टस्कर्स फ्रेंचाइजी ने 2011 में ही बॉम्बे हाई कोर्ट में BCCI के खिलाफ आर्बिट्रेशन दायर की थी। फिलहाल यह टीम IPL से निलंबित है।

 

कोच्चि टस्कर्स के मालिकों ने 2015 में BCCI के खिलाफ पंचाट में मामला जीता था जिसमें अनुबंध के उल्लंघन को लेकर बैंक गारंटी भुनाने के BCCI के फैसले को चुनौती दी गई थी। आर सी लाहोटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने BCCI को 18 प्रतिशत के सालाना जुर्माने के साथ 550 करोड़ रुपए चुकाने का निर्देश दिया था। पिछले 2 साल से BCCI ना तो कोच्चि टस्कर्स को मुआवजा देना चाहती थी और ना ही IPL में उनको वापस लाना चाहती है।