comScore

आईएसएल-6 : आज पहली जीत की चाह में भिड़ेंगे नॉर्थईस्ट और ओडिशा

October 26th, 2019 12:00 IST
 आईएसएल-6 : आज पहली जीत की चाह में भिड़ेंगे नॉर्थईस्ट और ओडिशा

हाईलाइट

  • आईएसएल-6 : आज पहली जीत की चाह में भिड़ेंगे नॉर्थईस्ट और ओडिशा

गुवाहाटी, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेजबान नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी और ओडिशा एफसी टीमें हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन में पहली जीत की तलाश में आज यहां के इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में आमने-सामने होंगी।

नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी ने छठे सीजन का आगाज बेंगलुरू एफसी के साथ 1-1 से ड्रॉ के साथ किया था जबकि पहली बार लीग में खेल रही ओडिशा एफसी को जमशेदपुर एफसी के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था।

हाईलैंर्डस नाम से मशहूर नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी अब अपने घर में दूसरा मैच खेलने को तैयार है, जहां वह हजारों की संख्या में घरेलू प्रशंश्कों की हौसलाअफजाई के बीच तीन अंक हासिल करने का प्रयास करेगी।

नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी के मुख्य कोच रोबर्ट जार्नी ने बेंगलुरू को उसी के घर में बराबरी पर रोकने पर अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जाहिर किया था

जार्नी ने कहा, बेंगलुरू के खिलाफ मिले एक अंक से मैं खुश हूं। हमारी टीम मौजूदा चैम्पियन के खिलाफ अच्छा खेली। अब हम घर में खेलेंगे और हमारी कोशिश अटैकिंग फुटबाल की होगी। हम इस तरह की शैली के लिए भी तैयार हैं।

ओडिशा के लिए यह मैच मौकों को भुनाने वाला होगा। जमशेदपुर के खिलाफ यह टीम कई मौकों पर काउंटर अटैक करने में सफल रही थी, लेकिन उन्हें यह भुना नहीं पाई। कोच जोसेफ गोम्बोउ को इस बात की चिंता है कि उनकी टीम अंतिम मिनट में गोल कैसे खा गई? ऐसे में कार्लोस डेल्गाडो की देखरेख में खेल रहे डिफेंस को गयान जैसे खिलाड़ियों को रोकने का प्रयास करना होगा।

ओडिशा के पास एरिडेन सांटाना के रूप में एक अच्छा गोल स्कोरर है। जमशेदपुर के खिलाफ उनका गोल इसका उदाहरण है। बेंगलुरू एफसी के पूर्व मिडफील्डर जिस्को हनार्देज ने भी प्रभावित किया है।

दोनों टीमों को फिटनेस सम्बंधी कोई चिंता नहीं है और ऐसे में दोनों इस सीजन की पहली जीत के लिए अपना पूरा दमखम लगाएंगी।

कमेंट करें
zL17V
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।