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लॉकडाउन में अपने परिवार से मिलने के लिए तरस रही थी : रानी

June 23rd, 2020 10:00 IST
लॉकडाउन में अपने परिवार से मिलने के लिए तरस रही थी : रानी

हाईलाइट

  • लॉकडाउन में अपने परिवार से मिलने के लिए तरस रही थी : रानी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बेंगलुरू केंद्र में करीब तीन महीने से समय बिता रही भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों को पिछले सप्ताह ही उन्हें अपने अपने घर जाने की इजाजत दे दी गई थी। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी रानी रामपाल अपने घर लौटने से बहुत खुश हैं।

रानी ने कहा, मुझे पता है कि बहुत से लोग यात्रा करने या बाहर खाने के लिए तरस गए थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान मैं जिस चीज के लिए तरस रही थी- वह मेरे परिवार से मिलने को था। मैं बहुत खुश हूं कि मैं आखिरकार यहां हूं और उनके साथ कुछ दिन बिता सकती हूं।

उन्होंने कहा, निश्चित रूप से, इसके लिए मैं हॉकी इंडिया और साई का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने हमारी बहुत देखभाल की। अब मेरा ध्यान घर पर भी अपनी फिटनेस बनाए रखने पर होगा और साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मैं अपने घर वालों के साथ अपना समय बिताऊं।

पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत ने कहा, मेरी मां, भाई और मेरे दो कुत्तों सैम और रियो के लिए घर लौटना एक बहुत अच्छा एहसास था। भले ही मैं वीडियो कॉल पर लगातार संपर्क में था, लेकिन मैं वास्तव में घर वापस आने के लिए उत्सुक था। अब मैं कह सकता हूं कि घर वापस आना बहुत अच्छा लगा।

पुरुष टीम के ही फॉर्ड मनदीप सिंह ने कहा, जब मैंने घर में कदम रखा तो ऐसा लगा कि अभी ही दुनिया में आया हूं। मैं काफी समय बाद घर लौटा हूं, इसलिए अपने परिवार से मिलना और उनके साथ समय बिताना अच्छा होगा।

महिला टीम कैम्प के लिए फरवरी से ही बेंगलुरू पहुंच गई थी जबकि पुरुष टीम मार्च के पहले सप्ताह में यहां पहुंची थी। एचआई ने फैसला किया है कि टीम को 19 जुलाई को दोबारा बुलाया जाएगा और तब दोबारा ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।

 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।