दैनिक भास्कर हिंदी: मल्होत्रा आईसीए अध्यक्ष हैं, तथ्यों के बिना बात नहीं कर सकते : गायकवाड़

July 21st, 2020

हाईलाइट

  • मल्होत्रा आईसीए अध्यक्ष हैं, तथ्यों के बिना बात नहीं कर सकते : गायकवाड़

कोलकाता, 21 जुलाई (आईएएनएस)। इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आईसीए) के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में अपने साथी अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी के काम करने तरीके पर सवाल उठाया था और अब गायवाड़ ने इन आरोपों पर हैरानी जताई है।

मल्होत्रा ने एक वीडियो में कहा है कि बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में गायकवाड़ और रंगास्वामी आईसीए का प्रतिनिधित्व करने को लेकर ज्यादा प्रोएक्टिव नहीं थे और इसलिए संघ के लिए अभी काफी कुछ किया जाना है।

गायकवाड़ ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, प्रोएक्टिव से उनका क्या मतलब है मैं यह जानना चाहता हूं। हमने बीसीसीआई के सामने मामला रखा और मैं हर बार उनके सामने यह बात नहीं कह सकता। मैं अपना काम कर रहा हूं।

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज ने कहा, इस तरह के बयान देने और मेरे तथा शांता के काम को चुनौती देने से पहले उन्हें हमें फोन करना चाहिए था और स्टेटस के बारे में पूछना चाहिए था। मैं उन्हें बता देता कि शीर्ष परिषद की चार बैठकों में क्या हुआ। लेकिन चीजों को बिना पता किए, वह हवा में बातें कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वह क्यों ऐसी चीजें कह रहे हैं।

भारतीय टीम के पूर्व कोच ने कहा, उन्हें समझना चाहिए कि बीसीसीआई के पास करने को काफी कुछ है। चाहे वो वित्तीय मामले हों, आईसीसी हो, आईपीएल हो या कोर्ट के मामले हों। यह नए अधिकारी हैं, सभी लोग नए हैं। अच्छी बात यह है कि वह न नहीं कह रहे हैं। वह कह रहे हैं कि समय रहते इसको देखेंगे। और इस समय हर जगह समय अच्छा नहीं है। हर कोई घर से काम कर रहा है। कई तरह के गंभीर मुद्दे हैं जो शीर्ष परिषद की बैठक में रखे जाने हैं।

मल्होत्रा ने इससे पहले भी एक वीडियो में कहा था कि उनके लिए घरेलू क्रिकेट का मुद्दा मायने नहीं रखता है और वह सिर्फ आईसीए को लेकर शीर्ष परिषद की बैठक में बात करेंगे।

गायकवाड़ ने कहा, आप इस तरह के बयान कैसे दे सकते हो। वह आईसीए अध्यक्ष हैं। आप जो कह रहे हैं उनको लेकर कुछ नियम, कायदे, कानून हैं। आप बिना तथ्यों के बात नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा, अगर वह कहेंगे कि मुझे चिंता नहीं है तो मौजूदा खिलाड़ी क्या सोचेंगे। फिर आप कहते हो कि मेरा वो मतलब नहीं था। ऐसे चीजें नहीं होतीं। कोई मेरी सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाए मुझे यह पसंद नहीं। हकीकत में यह सिर्फ समय की बात है। कुछ चीजें हुई हैं जो मैं बता नहीं सकता लेकिन इतना कह सकता हूं कि आईसीए का मुद्दा काफी हद तक रास्ते पर है।