comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

2007 टी 20 विश्वकप के हीरो आरपी सिंह ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास

September 06th, 2018 15:10 IST

हाईलाइट

  • आरपी सिंह 2007 टी 20 विश्वकप के थे हीरो
  • भारत के लिए कुल 82 मैच खेले और 100 से अधिक विकेट लिए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। इस बात की घोषणा आरपी सिंह ने मंगलवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर दी। आरपी ने ट्वीट कर लिखा, '13 साल पहले 4 सितंबर 2005 को मैंने पहली बार टीम इंडिया की जर्सी पहनी थी। यह मेरी जिंदगी के खुशनुमा सफर का पहला कदम था। 

2007 टी 20 विश्वकप के थे हीरो 

आरपी सिंह ने भारत के लिए 80 से ज्यादा अंतराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वे 2007 टी 20 विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम में भी शामिल थे। इस जीत में आरपी सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। इस टूर्नामेंट में आरपी 12 विकेटों के साथ भारत के सबसे सफल गेंदबाज़ भी रहे। 

छह साल का था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर

अारपी सिंह का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर लगभग छह साल का रहा। उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूप में भारत के लिए कुल 82 मैच खेले और 100 से अधिक विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने 14 टेस्ट में 40 विकेट, 58 वनडे में 69 विकेट और 10 टी20 मैचों में 15 विकेट भी चटकाए। 

2005 में खेला अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच

अारपी सिंह ने 4 सितंबर 2005 को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। आरपी को 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला था। वह अपने पहले ही टेस्ट मैच में 'मैन ऑफ द' मैच रहे थे। आरपी ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच सितंबर 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेला था। 

भारतीय टीम के प्रमुख तेज़ गेंदबाजो मे से एक थे

आरपी सिंह एक समय पर भारतीय टीम के प्रमुख तेज़ गेंदबाजो मे से एक थे। धोनी की कप्तानी में उन्हें खुद को निखारने के कई मौके मिले। धोनी भी उन पर बहुत भरोसा किया करते थे। लेकिन साल 2011 के बाद उन्हें कभी भी भारतीय टीम में वापसी करने का मौका नहीं मिला। आरपी ने अपने शानदार करियर के लिए परिवार, बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों को शुक्रिया अदा किया। 

कमेंट करें
a45dT
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।