दैनिक भास्कर हिंदी: INDvsPAK: शादी के लिए लाहौर जा सकते हैं PM, तो क्रिकेट मैच क्यों नहीं? 

November 27th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंडिया और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच पर अब सियासत भी गरमाने लगी है। रविवार को ही इंडिया-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर टीम इंडिया के फॉर्मर कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी राय रखी थी और अब इसी मामले पर कांग्रेस के सीनियर लीडर शशि थरूर ने भी दोनों देशों के बीच क्रिकेट शुरू करने की पैरवी की है। एक इवेंट में बोलते हुए थरूर ने कहा है कि 'जब शादी अटैंड करने के लिए पीएम लाहौर जा सकते हैं, तो फिर इंडिया-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने में क्या दिक्कत है?' 

 

और क्या कहा थरूर ने? 

 

इसके आगे शशि थरूर ने इंडिया-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट शुरू करने की पैरवी करते हुए कहा कि 'इंडिया और पाकिस्तान को फिर से क्रिकेट खेलनी चाहिए। दोनों देशों को आने वाले सालों में कई बायलेटरल सीरीज खेलनी चाहिए। क्योंकि मुझे लगता है कि दुर्भाग्यवश हम कूटनीतिक तरीके से इंडिया और पाकिस्तान के रिलेशन को आगे नहीं ले जा पाएंगे।'

 

शादी अटैंड कर सकते हैं, तो क्रिकेट क्यों नहीं?

 

कांग्रेस लीडर शशि थरूर ने इसके आगे कहा कि 'हमने देखा है कि दोनों देशों के सिक्योरिटी एडवाइजर बैंकॉक में मुलाकात कर चुके हैं। हमारे प्रधानमंत्री और पाक पीएम भी ऊफा में मिल चुके हैं। हमारे पीएम लाहौर जाकर शादी और बर्थडे में शामिल होकर आए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'अगर ये सब हो सकता है, तो फिर दोनों देश क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकते?' 

 

धोनी ने क्या कहा था? 

 

इससे पहले टीम इंडिया के फॉर्मर कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने भी इंडिया-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज को लेकर अपनी राय रखी थी। हाल ही में श्रीनगर पहुंचे धोनी से जब इंडिया-पाकिस्तान के बीच सीरीज को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'इंडिया-पाक के बीच क्रिकेट सीरीज सिर्फ खेल नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा है। हमें पाकिस्तान के साथ खेलना है या नहीं, इस बात का फैसला सरकार ही करेगी।' 

 

क्या है पूरा मामला? 

 

दरअसल, PCB और BCCI के बीच 2014 में एक समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों देशों के बीच 2015-2023 तक 6 बाय-लेटरल सीरीज खेली जानी थी। जिसमें से 4 सीरीज पाकिस्तान में होनी थी। लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बॉर्डर पर चल रहे टेंशन के कारण भारत ने पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की सीरीज खेलने से मना कर दिया था। जिसके बाद BCCI ने सीरीज खेलने का फैसला सरकार पर छोड़ दिया। इसी साल मई में भी PCB ने BCCI को इस समझौते से मुकर जाने पर नोटिस भेजकर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही थी।