दैनिक भास्कर हिंदी: हरभजन ने कुलदीप यादव को बताया अश्विन और जडेजा के लिए खतरा

September 23rd, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया ने पिछले 11 मैचों में से एक में भी हार का सामना नहीं किया है और इस जीत में स्पिनर्स का बहुत बड़ा रोल है। लेकिन टीम के बड़े-बड़े खिलाड़ियों को टीम में शामिल होने का मौका तक नहीं मिल पा रहा है। रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जड़ेजा इन नामों में शामिल हैं। एक समय में वनडे टीम का अहम हिस्सा रहने वाले अश्विन और जडेजा को श्रीलंका और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे टीम में शामिल नहीं किया गया। इस बात का जवाब टीम इंडिया के टर्बनेटर माने जाने वाले हरभजन सिंह ने दिया। हरभजन सिंह का मानना है कि युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की वजह से सीनियर खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल रहा है। उनका मानना है कि टीम इंडिया की वनडे टीम में अश्विन के लिए वापसी करना अब मुश्किल होगा। इसके साथ ही जडेजा के लिए भी अब प्लेइंग इलेवन में जगह पाना मुश्किल है। 

और क्या कहा हरभजन ने? 

भज्जी का ये भी मानना है कि कुलदीप यादव के हैट्रिक लेने के बाद टीम मैनेजमेंट के लिए अश्विन और जडेजा को वापस लाना मुश्किल होगा। हरभजन सिंह ने आगे कहा कि, इस समय कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और ऐसे में अश्विन और जडेजा के लिए टीम में वापसी थोड़ी मुश्किल लग रही है। इन दोनों के लिए ही अब वनडे टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बना पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए कमबैक करना बहुत मुश्किल होता है। अगर आपके मौजूदा दोनों स्पिनर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो फिर सीनियर स्पिनरों के लिए टीम में कमबैक कर पाना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि 'रिस्ट स्पिनर की खासियत ये होती है कि उन्हें बॉल को टर्न कराने के लिए किसी खास तरह की पिच की जरुरत नहीं होती।' उन्होंने कहा कि, 'चहल के पास अच्छी गुगली है और वो लेग ब्रेक भी डाल सकते हैं। वहीं कुलदीप यादव बॉल को दोनों तरफ टर्न करा सकते हैं।'

कुलदीप की हैट्रिक से हरभजन की यादें ताजा हुई

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में कुलदीप यादव ने हैट्रिक लेकर शानदार जीत दिलाई, ऐसा ही 16 साल पहले 2001 में हरभजन ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। हालांकि हरभजन ने जिस मैच में हैट्रिक ली थी, वो टेस्ट मैच था। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए हरभजन ने कहा कि जिस तरह से कुलदीप ने हैट्रिक लेकर टीम इंडिया को जीत दिलाई, इसके बाद वो टीम का अहम हिस्सा बन गए हैं। हरभजन ने कहा कि वही टीम, वही ग्राउंड, वही लम्हा और लगभग उतनी ही उम्र। जब मैं कुलदीप यादव को बॉलिंग करते देख रहा था, तो मुझे मार्च 2001 ईडन गार्डन की याद आ रही थी। सचमुच ये कमाल का अचिवमेंट है। भज्जी ने आगे कहा कि जब आप अपने करियर के शुरुआत में ही हैट्रिक लेते हैं, तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ जाता है और इसे एक क्रिकेटर हमेशा याद रखता है।