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कबड्डी से अलग, सुशील कुमार मेरे आदर्श : पवन सहरावत

June 20th, 2020 09:38 IST
कबड्डी से अलग, सुशील कुमार मेरे आदर्श : पवन सहरावत

हाईलाइट

  • कबड्डी से अलग, सुशील कुमार मेरे आदर्श : पवन सहरावत

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की पूर्व चैंपियन बेंगलुरू बुल्स के रेडर पवन सहरावत ने कहा है कि कबड्डी से हटकर बात करें तो ओलंपिक पदक विजेता भारतीय पहलवान सुशील कुमार उनके आदर्श हैं।सहरावत ने प्रो कबड्डी के इंस्टाग्राम लाइव चैट शो बियांड द मैट के दौरान कहा, कबड्डी से परे, सुशील कुमार मेरे आदर्श हैं। कबड्डी में मंजीत छिल्लर और राकेश कुमार मुझे पसंद हैं। वे काफी अच्छे खिलाड़ी हैं। मैं मंजीत छिल्लर से काफी प्रभावित हुआ हूं। वह बहुत ही अच्छे कप्तान और एक शानदार खिलाड़ी हैं।

सहरावत ने सीजन तीन में बेंगलुरू बुल्स के साथ कॉर्नर के रूप में पीकेएल में पदार्पण किया था। सीजन चार में वह काफी कुछ नहीं कर पाए जबकि सीजन पांच में वह गुजरात फॉर्च्यून जाएंट्स का हिस्सा थे। सीजन पांच में वह ज्यादातर समय बेंच पर ही थे जबकि सीजन छह में वह फिर से बेंगलुरू बुल्स में लौट आए।

सीजन छह में उन्हें सबसे मूल्यवान खिलाड़ी चुना गया था, जहां बेंगलुरू ने पहली बार खिताब जीता था। उन्होंने सीजन पांच को लेकर कहा, जब मैं गुजरात के साथ था तो मैंने शानदार प्रदर्शन करने की कोशिश की। मैंने अपने प्रदर्शन से कोच को प्रभावित करने की कोशिश की। मैं रेड से जितना अंक बटोर सकता था, बटोरने की कोशिश की। लेकिन चीजें तय योजना के अनुसार नहीं हो पाईं और मैं बेहतर प्रदर्शन करने में विफल रहा। छठे सीजन में मैं स्पष्ट सोच के साथ उतरा और मैंने बेहतर प्रदर्शन किया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।