comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हम अगले 5 वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों को एनबीए में देख सकते हैं : कमिश्नर एडम सिल्वर

October 05th, 2019 15:00 IST
 हम अगले 5 वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों को एनबीए में देख सकते हैं : कमिश्नर एडम सिल्वर

मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। बास्केटबाल को भारत में लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से नेशनल बास्केटबाल एसोसिएशन (एनबीए) यहां दो प्री-सीजन मैचों को आयोजन कर रहा है। इन मैचों के लिए भारत पहुंचे एनबीए कमिश्नर एडम सिल्वर का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों के भीतर वह भारत के खिलाड़ियों को एनबीए में खेलते हुए देख सकेंगे।

दो बड़ी टीमें-इंडियाना पेसर्स और सैमेंटो किंग्स एनबीए इन इंडिया कार्यक्रम के तहत यहां एनएससीआई डोम में दो प्री-सीजन मैच खेलने भारत आई हैं। भारत में पहली बार इन मैचों का अयोजन हो रहा है और दर्शकों में भी इसका उत्साह देखते ही बनता है।

मैच से पहले यहां एनबीए कमिश्नर एडम सिल्वर ने कहा कि उनका सबसे पहला लक्ष्य यह है कि भारत के खिलाड़ियों को एनबीए जैसी शीर्ष बास्केटबाल लीग में खेलने का मौका मिले।

सिल्वर ने कहा, हमारा पहला लक्ष्य भारत से शीर्ष स्तरीय प्रतिभाओं को निकालना और उन्हें एनबीए जैसी बड़ी बास्केटबाल लीग में खेलते हुए देखना है। मुझे उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों के भीतर हम भारत के किसी खिलाड़ी को एनबीए में खेलते हुए देखेंगे।

एशिया में एनबीए का सबसे बड़ा मार्केच चीन है। वर्ष 2002 में चीन के याओ मिंग एनबीए की शीर्ष टीमों में से एक हृयूस्टन रॉकेट्स में शामिल हुए थे। मिंग के आने के दो साल बाद ही एनबीए ने चीन में प्री-सीजन मुकाबलों को आयोजन किया और उसके बाद देश में बास्केटबाल ने अलग रफ्तार पकड़ ली।

एनबीए भारत में भी कुछ ऐसा ही करने की सोच रहा है। चीन में मौजूद पेशेवर बास्केटबाल लीग का स्तर भी काफी अच्छा है और इसके जरिए कई खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है। सिल्वर का कहना है कि आने वाले समय में वह भारत में भी एक लीग लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं।

सिल्वर ने कहा, हमने हाल में कई चीजों पर चर्चा की है और इसमें भारत में एक बास्केटबाल लीग की शुरुआत करना सबसे महत्वपूर्ण है। भारत में प्रतिभाशाली बास्केटबाल खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है और हम देश में लीग को शुरू करने को लेकर बहुत गंभीर हैं।

उन्होंने कहा, हमें भारत में लीग शुरू करने से पहले कई बुनियादी सुविधाएं यहां मुहैया करानी होंगी और हम ऐसा करने में बिल्कुल सक्षम हैं। समयसीमा को लेकर मैं यही कहूंगा कि मुझे उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों के भीतर हम एक लीग शुरू कर देंगे।

कमेंट करें
CwBK5
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।