हिमाचल प्रदेश: धर्मशाला के सरकारी कॉलेज में छात्रा की मौत दुखद,UGC ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए बनाई एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी

धर्मशाला के सरकारी कॉलेज में छात्रा की मौत दुखद,UGC  ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए बनाई एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी
छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने यौन उत्पीड़न और रैगिंग का मामला दर्ज किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिमाचल में धर्मशाला के एक सरकारी कॉलेज में एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। दूसरी तरफ यूजीसी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई।

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में हुई दुखद आत्महत्या का गंभीर संज्ञान लिया है। एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने का फैसला किया गया है। UGC भरोसा दिलाता है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है।

असिस्टेंट प्रोफेसर गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला अश्विनी कुमार ने एक कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में कहा इस घटना में मेरी संवेदना उस बच्ची के परिवार के साथ हैं, सुनने में आया है कि वो लड़की फेल हुई थी। बच्चों को समझाना बहुत मुश्किल होता है, उन्हें लगता है कि हम ही पेपर चेक करते हैं और हम ही रिजल्ट बनाते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता, बच्ची कैसे बीमार हुई है, कैसे वे डिप्रेशन में चली गई। चिकित्सा विज्ञान की मदद से इसकी जांच हो सकती है, जिस प्रोफेसर पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाया गया है इसमें कोई सार्थकता नहीं लगती है। क्योंकि वे प्रोफेसर भी पिछड़े वर्ग से आते हैं, पुलिस जांच का हम सम्मान करते हैं। न्यायपालिका का भी हम सम्मान करते हैं। टीचर एसोसिएशन की हमारी धर्मशाला शाखा ने एक रेजोल्यूशन पास किया है। हमने स्वागत किया है कि एजेंसियां ठीक से जांच कर रही हैं। एसपी को भी कल ज्ञापन सौंपा है कि बिना भेदभाव के जांच की जाए।

धर्मशाला में एक कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने यौन उत्पीड़न और रैगिंग का मामला दर्ज किया है। SP कांगड़ा अशोक रतन ने कहा, "हमें एक शिकायत मिली थी और उसकी जांच करने के बाद कल शाम को हमने BNS की धारा 115, 3(5) और 75 और रैगिंग एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। मृतक धर्मशाला की रहने वाली थी। चूंकि जांच शुरुआती दौर में है इसलिए फैकल्टी सदस्यों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों और सहकर्मियों के खिलाफ रैगिंग के आरोपों से जुड़े तथ्यों पर विचार किया जा रहा है और उनकी जांच की जा रही है, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, हम उन पर संज्ञान लेंगे और उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।

Created On :   3 Jan 2026 12:17 PM IST

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