मोहन सरकार का MSME पर फोकस: हर जिले में उद्योग, युवाओं को रोजगार और नए कारोबार को रफ्तार देने का प्लान

हर जिले में उद्योग, युवाओं को रोजगार और नए कारोबार को रफ्तार देने का प्लान
मध्य प्रदेश में एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मोहन सरकार ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। सरकार का विजन है कि उद्योगों का विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि हर जिले में नए कारोबार शुरू हों और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मोहन सरकार ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। सरकार का विजन है कि उद्योगों का विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि हर जिले में नए कारोबार शुरू हों और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए सरकार आर्थिक सहायता, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और नए उद्यमियों को जमीन व दूसरी सुविधाएं देने पर काम कर रही है। आने वाले वर्षों में एमएसएमई सेक्टर को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बनाने की तैयारी है।

हर जिले में उद्योग बढ़ाने का विजन

मोहन सरकार का सबसे बड़ा फोकस औद्योगिक विकास को प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाने पर है। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय संसाधनों और जरूरतों के हिसाब से उद्योग विकसित किए जाएं। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में कारोबार और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

सरकार ने वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य के जरिए बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे कारोबार और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

ढाई साल में 4,500 करोड़ रुपये की सहायता

एमएसएमई सेक्टर को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार आने वाले ढाई वर्षों में करीब 4,500 करोड़ रुपये की सहायता देने की योजना पर काम कर रही है। इसमें अलग-अलग तरह की प्रोत्साहन राशि और वित्तीय सहायता शामिल है।

सरकार पहले से संचालित एमएसएमई इकाइयों को भी प्रोत्साहन दे रही है। बिजली शुल्क प्रतिपूर्ति, मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति और पर्यावरण से जुड़ी सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता जैसी व्यवस्थाएं कारोबार की लागत कम करने में मदद कर सकती हैं।

60 नए औद्योगिक क्षेत्र और 6 हजार से ज्यादा भूखंड

नए उद्योग लगाने के लिए सबसे जरूरी चीजों में जमीन और बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार 60 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

इन औद्योगिक क्षेत्रों में 6,000 से अधिक भूखंड नए उद्यमियों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे कारोबार शुरू करने वाले लोगों को औद्योगिक जमीन मिलने में आसानी होगी और प्रदेश में नए निवेश को गति मिल सकती है।

युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए इंक्यूबेशन सेंटर

सरकार एमएसएमई के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूत करना चाहती है। इसके लिए हर जिले में कम से कम एक इंक्यूबेशन सेंटर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इंक्यूबेशन सेंटर नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने से लेकर अपने आइडिया को आगे बढ़ाने तक जरूरी मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। सरकार की योजना प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम एक एमएसएमई सेंटर विकसित करने की भी है।

बड़े शहरों में प्लग-एंड-प्ले सुविधा

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सब्सिडी आधारित प्लग-एंड-प्ले को-वर्किंग स्पेस विकसित करने की योजना है। इसका फायदा खास तौर पर स्टार्टअप्स और नए उद्यमियों को मिल सकता है।

ऐसे स्पेस में कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध रहती हैं। इससे नए कारोबारियों की शुरुआती लागत और सेटअप की परेशानी कम हो सकती है।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से कारोबार को मदद

नए कारोबार शुरू करने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना भी सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल है। इसके तहत पात्र युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण से जुड़ी सहायता और अन्य प्रोत्साहन दिए जाते हैं।

इसके साथ ही स्टार्टअप नीति-2025 के तहत नए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।

सरकार का बड़ा लक्ष्य क्या है?

मोहन सरकार की एमएसएमई नीति का फोकस तीन स्तरों पर दिखाई देता है नए उद्योग लगाना, मौजूदा कारोबार को मजबूत करना और युवाओं को उद्यमिता के लिए तैयार करना। औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, वित्तीय सहायता, स्टार्टअप सुविधाएं और स्थानीय स्तर पर एमएसएमई सेंटर इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं।

Created On :   15 Aug 2026 5:03 PM IST

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