MP News: प्रदेश में सात पुराने कानून खत्म हुये

प्रदेश में सात पुराने कानून खत्म हुये
मप्र विधानसभा ने वर्षाकालीन सत्र में पारित मप्र निरसन विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिलने से अब यह कानून बन गया है तथा इसके साथ ही सात पुराने कानून खत्म हो गये हैं।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र विधानसभा ने वर्षाकालीन सत्र में पारित मप्र निरसन विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिलने से अब यह कानून बन गया है तथा इसके साथ ही सात पुराने कानून खत्म हो गये हैं।

दरअसल ये सात कानून वर्तमान में अनुपयोगी एवं प्रभावहीन हो गये थे। उक्त निरसन अधिनियम में डेट कन्सीलिएशन एक्ट 1933, प्रोटेक्शन ऑफ डेटर्स एक्ट 1937, फेमाइन रिलीफ फण्ड एक्ट 1937, रिलीफ ऑफ इनडेटेडनेस एक्ट 1939, विद्या मंदिर एक्ट 1940, द एमपी रेगुलेशन ऑफ काउचिंग एक्ट 1944 और लेण्ड सर्व एक्ट 1947 कानून खत्म करने का प्रावधान है।

उपकर संशोधन अधिनियम 2026 को भी मिली मंजूरी

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मप्र उपकर संशोधन विधेयक 2026 को भी मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे यह अब एक्ट बन गया है। इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी के अधिकार पत्रों की रजिस्ट्री को इस कर (संपत्ति मूल्य का 0.5 प्रतिशत) से छूट देने का मुख्य प्रावधान इसमें जोड़ा गया है। यह संशोधन कानून पूर्व में 2 जून 2026 को राज्य सरकार द्वारा जारी अध्यादेश (मध्यप्रदेश उपकार संशोधन अध्यादेश, 2026) का ही स्थायी और विधायी स्वरूप है।

Created On :   15 Aug 2026 1:36 AM IST

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