MP News: कांग्रेस का ऐलान, भोपाल में सोमवार को निर्वाचन आयोग घेरेंगे, ज्ञानेश कुमार पर राजद्रोह का केस दर्ज होने तक सड़कों पर लड़ेंगे

कांग्रेस का ऐलान, भोपाल में सोमवार को निर्वाचन आयोग घेरेंगे, ज्ञानेश कुमार पर राजद्रोह का केस दर्ज होने तक सड़कों पर लड़ेंगे
मप्र में 34 लाख नाम हटाने का ब्योरा मांगा, दो साल से राहुल गांधी उठा रहे हैं लोकतंत्र और वोट चोरी का मुद्दा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र कांग्रेस ने गुरुवार को भोपाल में प्रेस कांफ्रेंस कर ऐलान किया सोमवार को निर्वाचन आयोग का घेराव किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भोपाल स्थित निर्वाचन भवन का (चुनाव आयोग) का घेराव करेंगे। पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जब तक इस्तीफा नहीं हो जाता और उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज नहीं हो जाता, तब तक लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस लड़ेगी। देश के लोकतंत्र को कांग्रेस ने अपने खून से सींचा है, इसलिए इसकी रक्षा करने का जिम्मा हमारा ओर बढ़ जाता है। भाजपा ने देश के लोकतंत्र को ध्वस्त कर दिया है। पटवारी ने मप्र की अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34 लाख से ज्यादा नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार ब्योरा भी सार्वजनिक करने की मांग की है। कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी होते हैं, इसलिए मतदाता सूची को लेकर जिला स्तर पर भी आंदोलन करेंगे। इसके लिए तीन दिन बाद होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पूरे देश में आंदोलन और कार्यक्रमों की रणनीति तय की जाएगी। पटवारी ने कहा कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं हर मतदाता के अधिकार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता का सवाल है।

पटवारी ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बीते 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। उनके मुताबिक ये आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 और चुनावी आईटी सिस्टम से जुड़े विषयों पर थीं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग पर कांग्रेस कोई अप्रमाणित आरोप नहीं लगा रही है। सवाल उन दस्तावेजों से उठे हैं, जिनका उल्लेख मीडिया रिपोर्ट में किया गया है। उन्होंने मांग की कि इन आपत्तियों में क्या लिखा था, किन फैसलों पर आपत्ति हुई और उनका निपटारा कैसे किया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। पटवारी ने यह भी कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बीते दो साल से वोट चोरी को लेकर मय प्रमाणों के बात उठाते आए हैं। अब अखबार के माध्यम से भी यह साबित हो गया है कि ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की है।

पटवारी ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6 में एसआईआर से जुड़ी घोषणा जोड़ने पर भी सवाल उठाए। कहा कि यदि इस बदलाव को लेकर चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति दर्ज की थी तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इसे किस प्रक्रिया और कानूनी प्रावधान के तहत लागू किया गया। नियमों में बदलाव की जरुरत थी तो वह करते, लेकिन इसके बिना ही बदलाव कर दिया जो कि असंवैधानिक है।

मप्र में दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम आंकड़े बदले गए

पटवारी ने मप्र में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलाव का आंकड़ों पर बात की। कहा कि एसआईआर से पहले प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता थे। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 गणना प्रपत्र मिले और उनका डिजिटलीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 42 लाख 74 हजार 160 नाम हटाए गए थे। इनमें करीब 31.51 लाख शिफ्टेड या अनुपस्थित, 8.46 लाख मृत और 2.77 लाख एक से अधिक स्थान पर पंजीकृत बताए गए थे। 42.74 लाख अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या नहीं है। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद अंतिम आंकड़ा बदला गया है। उन्होंने कहा कि 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में मप्र में 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज हुए।

अंतिम प्रक्रिया में कुल 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटे, जबकि ड्राफ्ट सूची के बाद 8 लाख 49 हजार 82 मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी हुई। ड्राफ्ट और अंतिम सूची के आंकड़ों को एक जैसा बताना गलत होगा। उनके मुताबिक मतदाता सूची में नाम हटने और फिर नाम जुड़ने की प्रक्रिया को पारदर्शिता से सामने रखना चाहिए। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में करीब 7.17 लाख नाम जोड़ने के आवेदन और लगभग 83 हजार नाम हटाने की आपत्तियां मिली। ऐसे में जिन लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया, उनमें कितने आवेदन स्वीकार हुए और कितने खारिज हुए। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट गया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच हुए इतने बड़े बदलावों का विधानसभा क्षेत्रवार और बूथवार पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। प्रत्येक मतदाता को यह जानने का अधिकार है कि उसका नाम सूची में है या नहीं और यदि हटाया गया है तो उसका कारण क्या है।

Created On :   26 Sept 2026 1:13 AM IST

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