MP News: आज से प्रदेश के 7 शहरों में 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें होंगी शुरु, मिलेगी बस कनेक्टिविटी

आज से प्रदेश के 7 शहरों में 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें होंगी शुरु, मिलेगी बस कनेक्टिविटी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी दिखाएंगे हरी झंडी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र में दो दशक बाद फिर से लोक परिवहन के रूप में बसें शुरु होने जा रही है। आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत करेंगे। भोपाल में आयोजित समारोह में गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये बसें प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत करेंगे। इस सेवा से शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार होगा।

प्रदेश के 7 शहरों में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

हर साल बढ़ेंगी 2,500 से 3,000 बसें

वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया, जबकि पहले वर्ष यह लक्ष्य 1,500 बसों के संचालन का होगा। इसके बाद प्रतिवर्ष लगभग 2,500 से 3,000 बसें बढ़ाई जाएंगी। सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। ये बसें आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगी और सुरक्षा की दृष्टि से अनुकूल रहेंगी। जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी। इस मॉडल अंतर्गत निजी बस ऑपरेटरों को विज्ञापन एवं कार्गो सेवाओं जैसे नॉन-फेयर रेवेन्यू से आय बढ़ाने के साथ ही आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं का उपयोग करने के अवसर मिलेंगे। बस संचालन को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए निजी ऑपरेटरों को प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से चलेंगी बसें

- इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से चलेंगी बसें। लोकेशन और समयबद्धता की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।

- मप्र यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, यहां से बसों की निगरानी होगी।

- यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता में रखा गया। सर्विलांस के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरे होंगे।

- आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए बसों में पैनिक बटन होगा।

- व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से प्रत्येक बस की लाइव लोकेशन की जानकारी मिलेगी।

- पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम की सुविधा होगी।

- यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र होगा।

- पीपीपी मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

Created On :   26 Sept 2026 1:43 AM IST

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