Kaun Banega Karpati Season-02: राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी में ‘कौन बनेगा करपति Season-02’ के Grand Finale का भव्य आयोजन, ज्ञान, प्रतिस्पर्धा और विभागीय विरासत का अद्भुत संगम

राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी में ‘कौन बनेगा करपति Season-02’ के Grand Finale का भव्य आयोजन, ज्ञान, प्रतिस्पर्धा और विभागीय विरासत का अद्भुत संगम
राजस्व विरासत वॉल’ कालोकार्पण, “Taxation Journey Through Vedic Period to Modern Era” पुस्तक का विमोचन एवं ‘Tax Quid’ का शुभारंभ होगा। नए टैक्स कानून सीखने के लिए अफसर-कर्मचारियों ने ‘कौन बनेगा करपति’ में दम दिखाया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल के राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (NADT), क्षेत्रीय परिसर, भोपाल द्वारा ‘कौन बनेगा करपति (KBK) Season-2’ के Tier-2 एवं Grand Finale का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में आयकर विभाग के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं नागपुर क्षेत्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

KBK Season-2 के लिए कुल 550 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आवेदन किया था। प्रतिभागियों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था। श्रेणी-1: Inspector तक के कर्मचारी तथा श्रेणी-2: ITO एवं उससे ऊपर के अधिकारी। Tier-1 परीक्षा के पश्चात दोनों श्रेणियों से 30-30, कुल 60 प्रतिभागियों का चयन Tier-2 के लिए किया गया। Tier-2 के बाद प्रत्येक श्रेणी से 5-5 प्रतिभागी Grand Finale के लिए चयनित हुए।

Tier-2 एवं Grand Finale में प्रतिभागियों से नवीन आयकर अधिनियम, 2025 सहित विभिन्न कर-विषयों पर आधारित रोचक एवं चुनौतीपूर्ण प्रश्न पूछे गए। कड़े एवं रोचक मुकाबले के पश्चात दोनों श्रेणियों में विजेता एवं रनर-अपका चयन किया गया।

ग्रांड फिनाले/अंतिम राउंड में विजेता एवं उपविजेता

श्रेणी-1 — Inspector तक

Winner – दुष्यंत कुमार गुप्ता, आयकर निरीक्षक

Runner-up –

1. दीपक कुमार , आयकर निरीक्षक, जबलपुर

2. हिमांशु सिंह, आयकर निरीक्षक, भोपाल

3. दीपक गौर, आयकर निरीक्षक , इंदौर

4. सौरभ अवस्थी, आयकर निरीक्षक, जबलपुर

श्रेणी-2 — ITO एवं उससे ऊपर

Winner – कृष्ण कुमार चौधरी, आयकर अधिकारी, बिलासपुर

Runner-up –

1. नीरज अग्रवाल, आयकर अधिकारी भोपाल

2. आशीष मोदगिल, आयकर अधिकारी भोपाल

3. ओमप्रकाश, आयकर अधिकारी भोपाल

4. मोचन मेहेर, आयकर अधिकारी, रायपुर

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह, ज्ञान एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। प्रतियोगिता ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच ज्ञानवर्धन, टीम भावना, त्वरित निर्णय क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच प्रदान किया।

‘राजस्व विरासत वॉल’ बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘राजस्व विरासत वॉल’ का लोकार्पण रहा। इसमें भारत में आयकर व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास की यात्रा को प्रदर्शित किया गया है। वॉल पर Income Tax Acts, 1860, 1886, 1914, 1922 तथा 1961 की विकास यात्रा को एकीकृत एवं आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

‘राजस्व विरासत वॉल’ आयकर विभाग की ऐतिहासिक, विधिक एवं प्रशासनिक विरासत को संरक्षित करने तथा वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को भारतीय आयकर व्यवस्था के विकास की यात्रा से परिचित कराने की दिशा में एक अभिनव पहल है।

वैदिक काल से आधुनिक कर व्यवस्था तक की यात्रा एक पुस्तक में

कार्यक्रम में “Taxation Journey Through Vedic Period to Modern Era” पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक का लेखन श्री संतोष कुमार निगम, आयकर अधिकारी, भोपाल द्वारा श्री राजकुमार घोष, अपर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, क्षेत्रीय परिसर, भोपाल के मार्गदर्शन में किया गया है।

पुस्तक में भारत में कराधान की अवधारणा एवं विकास यात्रा को वैदिक काल से आधुनिक युग तक प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्राचीन भारतीय कर-दर्शन, विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों की कर व्यवस्था तथा आधुनिक आयकर प्रणाली के विकास को समाहित किया गया है। इस अवसर पर पुस्तक की प्रति मुख्य अतिथि को भेंट की गईं।

पुस्तक में वर्णित निम्न श्लोक प्राचीन भारतीय कर-दर्शन की भावना को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त करता है—

“मधुदोहं दुहेद्राष्ट्रम भ्रमरान्न प्रपातयेत।

वत्सापेक्षी दुहेचैव स्तनांश्च न विकुट्टयेत्”

अर्थात् राजा को प्रजा से उसी प्रकार कर लेना चाहिए, जैसे भ्रमर फूलों से मधु ग्रहण करता है अथवा बछड़े का ध्यान रखते हुए गाय का दूध दुहा जाता है, बिना उसे कष्ट पहुँचाए। यह विचार कराधान में संतुलन, संवेदनशीलता एवं प्रजा के हित की प्राचीन भारतीय अवधारणा को रेखांकित करता है।

ज्ञान और टीम भावना को बढ़ावा देने वाले ‘Tax Quid’ का शुभारंभ

कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, क्षेत्रीय परिसर, भोपाल द्वारा ‘Tax Quid’ नामक अभिनव एवं ज्ञानवर्धक टीम-आधारित गेम का भी शुभारंभ किया गया। ‘Tax Quid’ का उद्देश्य कर-विषयक ज्ञान को पारंपरिक अध्ययन से आगे ले जाकर खेल, सहभागिता, टीमवर्क एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से रोचक बनाना है। यह पहल विशेष रूप से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को सरल, रोचक एवं सहभागी तरीके से सीखने तथा समझने के लिए प्रेरित करेगी।

इस प्रकार कार्यक्रम ने एक ही मंच पर प्रतियोगिता, ज्ञान, इतिहास एवं नवाचार का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया। जहां KBK Season-2 ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कर-विषयक ज्ञान एवं त्वरित निर्णय क्षमता को परखा, वहीं ‘राजस्व विरासतवॉल’ ने विभाग की गौरवशाली ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत किया। “Taxation Journey Through Vedic Period to Modern Era” ने भारतीय कराधान की परंपरा से आधुनिक व्यवस्था तक की यात्रा को सामने रखा, जबकि ‘Tax Quid’ ने इसी ज्ञान परंपरा को एक नए, रोचक एवं सहभागी स्वरूप में आगे बढ़ाया।

ज्ञान, विरासत और नवाचार का संगम

राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, क्षेत्रीय परिसर, भोपाल के प्रमुख राजकुमार घोष, अपर महानिदेशक, ने अतिथियों का स्वागत किया और ट्रेनिंग डायरेक्टरेट के द्वारा लिये गये निर्णयों की जानकारी दी और साथ ही ‘Tax Quid’ गेम के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मोना मोहंती, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एवं विशेष अतिथि बिजॉय कुमार पांडा, आयकर महानिदेशक उपस्थित रहे। ​

KBK Grand Finale में क्विज मास्टर्स के रूप में सागर श्रीवास्तव, संयुक्त आयकर आयुक्त, तथा संतोष कुमार निगम, आयकर अधिकारी, भोपाल ने अपनी प्रभावी भूमिका निभाई और प्रतिभागियों से विभिन्न चरणों में रोचक एवं चुनौती पूर्ण प्रश्न पूछे।

कार्यक्रम के आरंभ में अपर आयकर आयुक्त, स्वाति अग्रवाल ने राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, क्षेत्रीय परिसर, भोपाल द्वारा किए गए विभिन्न नवाचारों से अवगत कराया। उन्होंने ‘राजस्व विरासत वॉल’ के लोकार्पण, “Taxation Journey Through Vedic Period to Modern Era” पुस्तक के विमोचन की जानकारी दी। साथ ही, अधिकारियों एवं कर्मचारियों में नए कर कानूनों के प्रति जागरूकता एवं ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से आयोजित ‘कौन बनेगा करपति’ प्रतियोगिता के बारे में भी बताया कार्यक्रम के समापन अवसर पर उप आयकर आयुक्त अर्पित बोहरा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन दिव्या मिश्रा, Office Superintendent द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयकर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे। राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, क्षेत्रीय परिसर, भोपाल की इन पहलों ने “विरासत से ज्ञान, ज्ञान से नवाचार और नवाचार से उत्कृष्टता” की भावना को साकार करते हुए विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं यादगार अवसर प्रदान किया।

Created On :   30 Sept 2026 2:50 PM IST

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