रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: जलती हुई प्रेस, खुली अलमारी, खुला गैस नोजल और गायब केयरटेकर, हत्या के बाद घर में विस्फोट का था इरादा, फिर कैसे बची पत्नी की जान?

जलती हुई प्रेस, खुली अलमारी, खुला गैस नोजल और गायब केयरटेकर, हत्या के बाद घर में विस्फोट का था इरादा, फिर कैसे बची पत्नी की जान?
भोपाल में रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद आरोपी मेल नर्स गैस और प्रेस चालू छोड़कर फरार हुआ था। वहीं, उनकी पत्नी की जान बच गई है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि कैसे तो ये खबर जरूर पढ़ें...

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल के सूरजनगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या करने वाले शख्स ने पूरा इंतजाम किया था कि उनका घर किसी बम के गोले की तरह उड़ जाए। लेकिन खौफनाक वारदात के बीच उनकी पत्नी की जान बच गई। रात के सन्नाटे में घर के अंदर ऐसी वारदात हुई जिसका अंदाजा किसी को नहीं था। सुबह जब घटना का पता चला तो घर का मंजर देखकर हर कोई हैरान था। राकेश अग्रवाल की हत्या हो चुकी थी और कातिल मौके से फरार था। लेकिन इस कहानी में एक ऐसा रहस्य छिपा हुआ था जिसने पुलिस को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। दरअसल, उस रात राकेश अग्रवाल अकेले नहीं थे। उनकी पत्नी भी घर पर मौजूद थीं। फिर ऐसा क्या हुआ जिससे उनकी जान बच गई? कातिल चाहता तो उन्हें भी मौत के घाट उतार सकता था लेकिन उसने ऐसा क्यों नहीं किया?

कैसे बची पत्नी की जान?

राजधानी भोपाल के सूरजनगर का यह घर उस रात बिल्कुल आम घर जैसा ही लग रहा था। रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल अपनी तबीयत खराब होने के चलते घर पर थे। उनकी देखभाल के लिए परिवार ने सिर्फ 2 दिन पहले एक मेल नर्स को रखा था। वह निजी एजेंसी के जरिए घर पर आया था। रात में राकेश अग्रवाल अपने कमरे में थे और उनकी पत्नी घर की ऊपरी मंजिल पर थीं। इसी बीच नीचे कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे घर की कहानी बदल दी थी। राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि, पत्नी के ऊपर होने के कारण उनकी जान बच गई। अगर वह नीचे होती तो शायद हमलावर उन्हें भी मार देता।

दो दिन पहले आया था, फिर बन गया सबसे बड़ा शक

जिस शख्स को बीमार राकेश अग्रवाल की देखभाल के लिए घर में रखा गया था अब वही शक के घेरे में था। उसका नाम वरुण बताया जा रहा है। वह राकेश अग्रवाल के कमरे के बाहर ही सोता था। यानी घर में उसकी मौजूदगी नई नहीं थी लेकिन उसे आए सिर्फ दो दिन हुए थे। हत्या के बाद से वह फरार हो गया था। फिलहाल पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।

पत्नी के साथ क्यों नहीं सोते थे राकेश?

पूर्व IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल को स्लिप डिस्क की बीमारी थी। कुछ समय पहले ही उनका अस्पताल में इलाज हुआ था और इसके बाद वह घर लौटे थे। बीमारी की वजह से उन्हें लगातार देखभाल की जरूरत थी। रात में भी उनकी देखभाल के लिए 24 घंटे एक पुरुष केयरटेकर वरुण कुमार को रखा गया था। इसी कारण राकेश अग्रवाल अपने कमरे में केयरटेकर के साथ सोते थे जबकि उनकी पत्नी दूसरे कमरे में रहती थीं।

हत्या के बाद घर जलाने की थी तैयारी

यह पूरी कहानी सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं थी। पुलिस जब घर पहुंची तो वहां कुछ ऐसी चीजें मिलीं जिन्होंने जांच को एक नया मोड़ दे दिया था। रसोई में गैस चालू थी, प्रेस भी चालू छोड़ी गई थी। ऐसा लग रहा था कि आरोपी फरार होने से पहले घर को आग लगाना चाहता था ताकि यह एक दुर्घटना लगे। संभावना जताई जा रही है कि आरोपी पूरे घर को विस्फोट से उड़ाने की तैयारी करके गया था। बता दें कि, जांच में यह शक सामने आया कि हत्या के बाद घर में आग लगाने की कोशिश की गई थी।

मंसूबों पर फिरा पानी

कातिल गैस और प्रेस चालू छोड़कर वह वहां से निकल तो गया था लेकिन आग नहीं लगी। यानी जिस साजिश से वह सारे सबूत मिटाना चाहता था वही कोशिश अधूरी रह गई। अगर घर में आग लग जाती तो पुलिस के लिए जांच कर पाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाता। हो सकता था कि आरोपी की पहचान में भी देरी हो जाती। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ और पुलिस ने कातिल का पता लगा लिया।

खुली अलमारी, खुला गैस नोजल और गायब केयरटेकर

पुलिस को मौके पर घर की अलमारी का गेट खुला मिला, गैस सिलेंडर का नोजल भी खुला था। बस इतना ही नहीं बल्कि घर में प्रेस चालू हालत में मिली थी। जिसे देखते हुए ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी ने घर को विस्फोट से उड़ाने की पूरी तैयारी कर दी थी। ACP अंकिता खातरकर के मुताबिक, वारदात रात के वक्त करीब दो से तीन बजे अंजाम दी गई थी। वहीं, फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और हर एंगल से जांच-पड़ताल की।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल उस गायब केयरटेकर पर था जो सिर्फ दो दिन पहले घर में आया था और हत्या के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसी के साथ ही, जिस निजी एजेंसी के जरिए उसे रखा गया था उससे भी जानकारी जुटाई जा रही थी।

Created On :   30 Sept 2026 8:14 PM IST

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