Jabalpur Cruise Accident: बड़ा सवाल- NGT की रोक के बावजूद बरगी डैम में किसके आदेश पर चल रहा था क्रूज? हादसे ने उठाए कई गंभीर सवाल

बड़ा सवाल- NGT की रोक के बावजूद बरगी डैम में किसके आदेश पर चल रहा था क्रूज? हादसे ने उठाए कई गंभीर सवाल
एनजीटी की रोक के बावजूद बरगी डैम में नियमों को ताक पर रखकर क्रूज चलाया गया, जिसकी गवाह 9 मौतें बनीं। क्रूज पर सुरक्षा के नाममात्र इंतजाम थे।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में गुरुवार शाम बरगी डैम में एक टूरिस्ट क्रूज पलटने से अब तक कुल 9 मौत हो चुकी है। इस दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ- साथ पर्यावरणीय नियमों के पालन पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे हैरानी वाली बात य​ह कि एनजीटी की रोक के बावजूद बरगी डैम में नियमों को ताक पर रखकर क्रूज चलाया गया, जिसकी गवाह 9 मौतें बनीं। अव्यवस्था का आलम यह​ कि, हादसे के वक्त क्रूज पर यात्रियों की सही संख्या को लेकर स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूज पर सुरक्षा के नाममात्र इंतजाम थे। वहीं मौसम विभाग ने भी अलर्ट ​जारी किया था, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में इस हादसे ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

साल 2023 में एनजीटी ने लगाई थी रोक

एनजीटी की रोक के आदेश का बरगी डैम में खुलकर माखौल उड़ाया गया और पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए क्रूज का संचालन किया जाता रहा। दरअसल, मप्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2023 में डीजल से संचालित मोटर चलित नाव और क्रूजों पर रोक लगा दी थी। यह आदेश पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे की याचिका पर दिया गया था। इस आदेश से नर्मदा नदी सहित अन्य 20 बांधों और नदियों में प्रस्तावित क्रूज प्रोजेक्ट पर भी रोक लग गई थी। जिसके तहत डीजल से संचालित मोटर चलित नाव और क्रूजों का संचालन नहीं किया जा सकता। हालांकि, बाद में एनजीटी के आदेश का मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन, मार्च 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश को सही ठहराया था।

किसकी शह पर हुआ क्रूज का संचालन

अब चूंकि, साल 2023 से एनजीटी की मोटर चलित नाव और क्रूजों के संचालन पर रोक लगी हुई है। तो यह सवाल भी उठता है कि, बरगी डैम में किसकी शह और आदेश पर मोटराइज्ड क्रूज का संचालन किया जा रहा था। क्या इसकी जानकारी जिला प्रशासन के अधिकारियों को नहीं थी? या पर्यटन विकास निगम ने जानबूझकर ही ऐसी किसी घटना को रोकने का प्रयास नहीं किया और यह हादसा लापरवाही की भेंट चढ़ गया।

मौसम विभाग ने दी थी चेतावनी

हादसे पर बड़ा सवाल यह भी कि, जिले में मौसम विभाग पहले ही अटर्ल जारी कर चुका था। जिले में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई थी, जिस पर क्रूज संचालन करते समय कोई ध्यान नहीं दिया गया। चश्मदीदों के अनुसार, जिस समय क्रूज का संचालन किया जा रहा था उस समय काफी तेज हवा चल रही थी और क्रूज पर नाम मात्र के ही सुरक्षा इंतजाम थे।

Created On :   1 May 2026 4:41 PM IST

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