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MP News: ई-गवर्नेंस में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, 'ई-नगर पालिका' और 'त्रिनेत्र' को मिला राष्ट्रीय सम्मान

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कई डिजिटल पहलें शुरू की हैं। इन प्रयासों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। 'ई-नगर पालिका' और एआई आधारित 'त्रिनेत्र' जैसी परियोजनियों को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। वहीं, एमपी ई-सेवा, संपदा 2.0 और हाई-टेक डेटा सेंटर जैसी पहलें भी प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में मिली बड़ी कामयाबी
मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। 'ई-नगर पालिका' परियोजना को साइबर सुरक्षा श्रेणी में स्वर्ण पुरस्कार मिला, जबकि एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली 'त्रिनेत्र' को रजत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी प्रशासन को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और पारदर्शी बनाना है।
एमपी ई-सेवा से 1700 से ज्यादा सेवाएं हुईं ऑनलाइन
राज्य सरकार ने एमपी ई-सेवा (MP e-Seva) के जरिए 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है। अब लोगों को कई सरकारी कामों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। कई सेवाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल रही हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
'संपदा 2.0' ने बदली भूमि पंजीयन की व्यवस्था
भूमि पंजीयन प्रक्रिया को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए शुरू किए गए 'संपदा 2.0' सॉफ्टवेयर को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को पहले राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुका है। इसकी मदद से लोग घर बैठे दस्तावेजों का पंजीयन और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं आसानी से पूरी कर पा रहे हैं।
800 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा हाई-टेक डेटा सेंटर
डिजिटल सेवाओं को और अधिक सुरक्षित तथा तेज बनाने के लिए राज्य सरकार करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट डेटा सेंटर को अपग्रेड कर रही है। इस नए डेटा सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भविष्य की डिजिटल जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।
फेसलेस व्यवस्था से कारोबार करना हुआ आसान
सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भूमि आवंटन की फेसलेस व्यवस्था लागू की है। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। यह पहल राज्य में निवेश का माहौल बेहतर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डिजिटल सुशासन में मजबूत हो रही मध्य प्रदेश की पहचान
सरकार का दावा है कि इन सभी डिजिटल पहलों के कारण मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी डिजिटल गवर्नेंस वाले राज्यों में अपनी मजबूत जगह बना रहा है। ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और पारदर्शी प्रशासन राज्य को डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां दिला रहे हैं।
Created On :   11 July 2026 5:48 PM IST












