विदेशी दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्रा के तीसरे चरण में आज स्वीडन पहुंचेंगे,कई द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्रा के तीसरे चरण में आज स्वीडन पहुंचेंगे,कई द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर होगी चर्चा
स्वीडन दौरे का एक मुख्य आकर्षण यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री में दोनों देशों के पीएम की भागीदारी होगी। दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस सभा को संबोधित करेंगे। यह व्यापार जगत के नेताओं का एक प्रमुख अखिल-यूरोपीय मंच है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पांच देशों के विदेश दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार को अपनी यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन पहुंचेंगे। पीएम मोदी स्वीडन के प्राइममिनिस्टिर उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। आपको बता दें पीएम मोदी का स्वीडन का दौरा प्रधानमंत्री मोदी के नीदरलैंड्स के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के ठीक बाद हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2018 में पहली बार आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था।

स्वीडन दौरे का मुख्य आकर्षण 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन की भागीदारी होगी। यह व्यापार जगत के लीडर्स का एक प्रमुख अखिल-यूरोपीय मंच है। दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस सभा को संबोधित करेंगे। बीते दिन शनिवार को पीएम मोदी ने अपने डच समकक्ष रॉब जेटन के निमंत्रण पर नीदरलैंड का अपना दौरा पूरा किया था। पीएम मोदी का यह नीदरलैंड का दूसरा दौरा था।

पीएम के स्वीडन दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां कि यात्रा के दौरान 17-18 मई को दोनों देशों के पीएम के बीच कई द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा होगी। जिससे भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, इनोवेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और उभरते क्षेत्रों में रिश्ते और अधिक गहरे होने की उम्मीद है। स्वीडन को यूरोप की अग्रणी इनोवेशन-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। ऐसे में दोनों देश भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग का विस्तार करना चाहते हैं।

उम्मीद लगाई जा रही है कि दोनों देशों के पीएम के बीच होने वाली चर्चा का मुख्य केंद्र हरित परिवर्तन, AI, उभरती टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, मजबूत सप्लाई चेन, रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष सहयोग, जलवायु कार्रवाई और लोगों से लोगों के बीच रिश्तों को अधिक मजबूत करना होगा।

द्विपक्षीय वार्ता का मकसद भारत-स्वीडन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करना और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशना है। दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार अब 7.75 अरब डॉलर (2025) तक पहुंच गया है। साथ ही, भारत में स्वीडन का एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) भी 2.825 अरब डॉलर (2000–2025) तक पहुंच चुका है।

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