Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे से दैनिक भास्कर की विशेष बातचीत

महाराष्ट्र के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे से दैनिक भास्कर की विशेष बातचीत
दैनिक भास्कर, छत्रपति संभाजी नगर कार्यालय में सोमवार को महाराष्ट्र के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे पहुंचे। उन्होंने कई मुद्दों पर संपादकीय सहयोगियों से खुलकर बात की।

डिजिटल डेस्क, संभाजी नगर। दैनिक भास्कर, छत्रपति संभाजी नगर कार्यालय में सोमवार को महाराष्ट्र के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे पहुंचे। उन्होंने कई मुद्दों पर संपादकीय सहयोगियों से खुलकर बात की। उनसे पूछा गया कि आखिर सरकार में शामिल तीनों दलों में मतभेद क्यों हैं? आखिर एक राय क्यों नहीं बन पा रही है? इस पर उनका कहना था कि मतभेद हैं। इसका कारण यही है कि सभी दल चाहते हैं कि उनकी पार्टी के व्यक्ति को मतदारसंघ चुनाव का टिकट मिले। इसके लिए सभी प्रयास कर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे बीच मनभेद हैं। आखिर फैसला हमारे नेता करेंगे, जिसे सबको मंजूर होगा।

सवाल: मतदारसंघ चुनाव को लेकर तीनों दलों में खींचतान क्यों है?

जवाब: सभी दल अपने-अपने लोगों को टिकट दिलाना चाहते हैं, यह दिक्कत है

सब हेडिंग: दिशा सालियान मामले के सबूत सीबीआई को सौंपे हैं

प्रश्न: आपने मत्स्य व्यवसाय को कृषि का दर्जा दिलाया। लेकिन किसान खुद सूखे और कर्ज से जूझ रहा है। क्या मछुआरों को किसान जैसी सुविधाएं देना वास्तव में कितना कारगर होगा?

जवाब: हमारा प्रयास है कि किसानों को मिलने वाली सुविधाएं मछुआरों तक भी पहुंचें। किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि दर पर बिजली जैसी सुविधाओं का लाभ मछुआरों को भी मिलेगा। केंद्र सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड व्यवस्था में मछुआरों और फिश फार्मर्स को पहले से शामिल किया जा चुका है।

प्रश्न: आप सूखे के बीच मराठवाड़ा में मछुआरों के तालाब देखने क्यों निकले हैं?

जवाब: क्योंकि सूखे का असर सिर्फ खेती पर नहीं है। तालाब सूख रहे हैं तो मछली पालन करने वालों का भी नुकसान हो रहा है। सरकार किसानों के लिए जो राहत घोषित करेगी।

प्रश्न: आप कंट्रोवर्सी वाले बयानों के लिए जाने जाते हैं। आपने अपने मंत्रालय में क्या बदलाव किए?

जवाब: जब मैं विभाग में आया था, तब बजट करीब 212 करोड़ रुपए था। अब यह करीब 1,240 करोड़ रुपए हो गया है। हमने मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की है। इसमें महिला मछुआरों के लिए उपकरणों से लेकर आइस फैक्टरी, नाव, जाल और मत्स्य व्यवसाय से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए सहायता का प्रावधान किया गया है।

सवाल: आप आदित्य ठाकरे के पीछे क्यों पड़े हैं? क्या कोई निजी दुश्मनी है?

जवाब: मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है। उनके कारण किसी को अपनी जान गंवानी पड़ी। हम केवल वह मुद्दा उठा रहे हैं।

सवाल: दिशा सालियान के मामले में कभी आप पर उद्धव गुट की ओर से चुप रहने का दबाव नहीं आया?

जवाब: मेरे पिता के पास इसके लिए उद्धवजी का फोन आया था। उनका कहना था कि मेरे बेटे को संभालो। इस पर राणे साहब का कहना था कि जब उसने कुछ किया ही नहीं है तो फिर समस्या क्या है।

सवाल: दिशा सालियान मुद्दे को आप बार-बार उठा रहे हैं और सबूत होने की बात कह रहे हैं, फिर उसे सामने क्यों नहीं लाते?

जवाब: मेरे पास इसके सारे सबूत मौजूद हैं। वह मैं मीडिया को नहीं दूंगा, जांच एजेंसी को दूंगा। हाल ही में सीबीआई को संबंधित सबूत सौंपे गए हैं। इससे पहले मैंने उन्हें जांच एजेंसियों को नहीं दिया, क्योंकि वे उद्धव गुट से जुड़ी हुई थीं। उनका मकसद जांच करना नहीं, बल्कि इसे दबाना था।

सवाल: हर मामले में आप लव जिहाद का एंगल क्यों खोजते हैं?

जवाब: हमारे कई संगठन इस मामले में काम कर रहे हैं। उनके पास सबूत हैं कि किस तरह लव जिहाद किया जा रहा है। अब तो कॉरपोरेट जिहाद के मामले भी सामने आए हैं। कोई तो इस पर बात करेगा। मेरा सौभाग्य है कि मैं इस पर बात कर रहा हूं।

सवाल: यदि कोई किसी भी धर्म का व्यक्ति किसी अन्य धर्म में शादी करता है तो आपको आपत्ति क्या है?

जवाब: यदि कोई अपनी मर्जी से किसी भी धर्म में शादी करता है, झूठ बोलकर या जानकारी छिपाकर नहीं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। हमारे बीच ऐसे कई लोग हैं, जो हमारे मित्र भी हैं।

प्रश्न: केंद्र और महाराष्ट्र में लंबे समय से आपकी पार्टी की सरकार है। अगर ‘लव जिहाद’ जैसी समस्या इतनी गंभीर है तो इसे रोकने के लिए अब तक क्या किया गया?

जवाब: अब कानून में बदलाव हो रहे हैं। अब पुलिस को इन मामलों में उचित कानूनी प्रावधान मिल रहे हैं। अभी तक तय नहीं था कि इस तरह के मामलों को कैसे हैंडल करें।

सवाल: गरबे में आने वाले लोगों से हनुमान चालीसा क्यों पढ़वाना चाहते हैं?

जवाब: हर धर्म के अपने त्योहार हैं। लोग उन्हें मनाएं, लेकिन गलत नाम बताकर गलत इरादे से किसी को गरबों में प्रवेश नहीं करना चाहिए। यदि किसी को किसी अन्य धर्म की मान्यताएं या त्योहार पसंद हैं तो वह धर्म अपनाएं और उसमें शामिल हों। हमें कोई आपत्ति नहीं है।

प्रश्न: महाराष्ट्र के मत्स्य क्षेत्र को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसा बड़ा आर्थिक सेक्टर बनाने का दावा है। क्या यह सिर्फ लक्ष्य है या कोई स्पष्ट रोडमैप भी है?

जवाब: मत्स्य क्षेत्र को केवल कल्याणकारी विभाग के रूप में नहीं देखना चाहिए। मुख्यमंत्री भी मानते हैं कि फिशरीज राज्य की जीडीपी में बड़ा योगदान दे सकता है। इसलिए उत्पादन, निवेश, प्रसंस्करण और निर्यात, इन सभी स्तरों पर काम किया जा रहा है।

Created On :   2 Oct 2026 6:52 PM IST

Tags

Next Story