महाराष्ट्र सरकार संकट : कल होगी शिवसेना की बड़ी बैठक,सड़कों पर उतरे शिवसैनिक,मातोश्री में उद्धव ठाकरे और शरद पवार की बैठक जारी

June 24th, 2022

हाईलाइट

  • भक्त की असली शिवसेना !

डिजिटल डेस्क, मुंबई, राजा वर्मा। महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी उलफेट जारी है। इसी बीच खबर यह है कि कल शिवसेना की बड़ी बैठक होगी। जिसमें शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य हिस्सा लेंगे। वहीं उद्धव ठाकरे और शरद पवार की बैठक जारी है। कयास लगाए जा रहे है कि इस बैठक में कुछ बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो एनसीपी प्रमुख शरद पवार सीएम उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देने की सलाह दे सकते है। इसके पीछे की प्रमुख वजह नंबर गेम को माना जा रहा है क्योंकि नंबर गेम में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि वह अब महाविकास अघाड़ी गठबंधन के पास नहीं है। आज सड़को पर भारी संख्या में शिवसैनिक उद्धव ठाकरे के समर्थन में नारे लगाते हुए नजर आए। 

 शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे अपने ही बयान से पलट गए है। दरअसल कल शिंदे ने कहा था कि उनके विधायक दल को एक राष्ट्रीय पार्टी का समर्थन है। उनके इस बयान के आने के बाद से ही महाराष्ट्र का सियासी पारा और गरम हो गया था।  लेकिन आज उन्होंने अपने दिए बयान से ही यूटर्न ले लिया। शिंदे ने कहा कि हमारे साथ कोई भी राष्ट्रीय दल संपर्क में नहीं है। उनका यह बयान नई अटकलों को हवा देने का काम कर रहा है। 

बता दें होटल से बाहर जाने के करीब ढ़ाई घंटे बाद रैडिसन होटल वापस आए एकनाथ शिंदे, इससे पहले जब वो होटल से बाहर निकले थे तब उनके मुंबई पहुंचने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उनके वापस आने के बाद पता चला कि वो कामख्या देवी मंदिर में प्रार्थना करने गए। 

 शिवसेना विधायक दल के नेता अजय चौधरी को डिप्टी स्पीकर ने दी मंजूरी

महाराष्ट्र की  सियासी राजनीति में मचे घमासान में आज भूचाल आने वाला हैं। इसके पीछे की वजह मंत्री एकनाथ शिंदे गुवाहाटी से मुंबई आने वाले हैं। मुंबई में बैठे शिवसेना नेताओं के मुंबई आने के बयानों के बाद मुलाकात और बातचीत करने के आग्रह पर शिवसेना बागी नेता एकनाथ शिंदे विशेष विमान से मुंबई आने की योजना हैं। बागी के इस कदम से महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिल सकता हैं। 

  एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा हम हार नहीं मानेंगे , हम जीतेंगे। हम सब एक दूसरे के साथ हैं हमने जो कहा वह कर दिया। 

महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान अब भावनात्मक बयानों के बाद भावनात्मक लेटर बम से होते हुए अब  डिप्टी स्पीकर के पाले में आते हुए दिखाई दे रहा हैं, इसके बीच में राज्यपाल की भूमिका भी तय करेगी, कि क्या करना हैं और क्या नहीं। दोनों ही प्रमुखों के विवेक से शिवसेना का सियासी संकट संभलेगा या बिगडेगा। आज का पूरा सियासी समीकरण इसी पर चलने की अटकले लगाई जा रही  हैं। इसमें शिंदे के बागीपन और उद्धव की भावनात्मक अपील कितना दम दिखाएंगी? या किसके पक्ष में होंगे निर्णय ये आज क्लीयर हो जाएंगा।

बयान और भावनात्मक अपील के बाद सियासी संकट अब खत की दस्तक और विचार पर टिक गया हैं। मंत्री एकनाथ शिंदे ने बागी विधायकों के गुट का वीडियों जारी कर शिवसेना के दो तिहाई से अधिक विधायक होने का दावा किया हैं। इसे लेकर एकनाथ ने बागी विधायकों के दल का नेता चुनते हुए स्पीकर और राज्यपाल को पत्र लिखा हैं। दलबदल कानून से बचने के लिए शिंदे के पास दो तिहाई से अधिक शिवसेना विधायक हैं। और उन्होंने बहुमत का  दावा ठोंका हैं। इधर बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के साथ बागी गुट में शामिल सभी विधायकों की सदस्याता रद्द करने को डिप्टी स्पीकर नरहरि झिरवाल को खत लिखा हैं। 

गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायक संजय शिरसाट ने कहा पहले कई बार विधायकों ने उद्धव जी से कहा था कि कांग्रेस हो या NCP, दोनों ही शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार विधायकों ने उद्धव जी से मिलने के लिए समय मांगा लेकिन वे उनसे कभी नहीं मिले

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