comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अजब-गजब : ‘शिंकुला से फुटाला’ तक 3313 किमी का सफर 11 दिन में किया पूरा

अजब-गजब : ‘शिंकुला से फुटाला’ तक 3313 किमी का सफर 11 दिन में किया पूरा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रफ्तार और रोमांच के शौकीन शहर के रामेश्वरी निवासी बाइक राइडर आकाश साल्वे ने शिंकुला से फुटाला का  सफर अनुशासन के साथ पूरा किया। आकाश ने 14 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक दिल्ली से नागपुर तक 3313 किमी का सफर 11 दिन में बाइक से  पूरा किया। आकाश मेयो अस्पताल में रजिस्टर्ड मेल नर्स है। साथ ही वे आॅरेंज सिटी राइडर्स क्लब के प्रेसिडेंट भी हैं। उन्हें बाइक पर भ्रमण करने का जुनून है। आकाश पिछले वर्ष इस सफर को तय करने निकले थे, लेकिन झांसी के पास दुर्घटना में उनका बायां पैर फ्रेक्चर हो गया था। उन्हें अपनी राइड अधूरी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद कोरोना के प्रकोप के बीच अक्टूबर में बाइक राइड शुरू की। आकाश ने बताया कि, हर राज्य की सीमा पर उनका कोरोना टेस्ट हुआ। निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही बाइक राइड करने की अनुमति दी गई। 

सात माह काम के बाद ब्रेक चाहिए था
आकाश ने बताया कि, कोरोना के कारण पिछले सात महीने से ड्यूटी कर रहे थे। इस समय राइड करना संभव नहीं था। मैं हर संडे बाइक लेकर यूं ही निकल जाता हूं।  14 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से सफर की शुरुआत की। राइड के पहले कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट कराया। टेस्ट निगेटिव आने के बाद राइड शुरू की। मैंने अटल टनल (मनाली), शिंकुला माउंटेन पास (16580 फीट), लिंगशेड विलेज, शिगे ला माउंटेन पास (16500 फीट), सिरली ला माउंटेन पास (15800 फीट) और न्यू जंस्कर वैली का रास्ता तय किया। इस राइड के दौरान 300 किमी दुर्गम रास्तों से होकर भी गुजरना पड़ा। सफर सुबह 8 बजे से शुरू करता था और शाम 6 बजे खत्म कर देता था। कारण वहां ठंड होने के कारण सड़क पर बर्फ जम जाती थी। बाइक स्लिप होने का डर था। ये सफर मैं अकेला ही तय रहा था। अाधे सफर के बाद मुझे जयपुर के एक बाइक राइडर ने ज्वाइन किया। 

बाइक राइडिंग मेरा पैशन
आकाश ने बताया कि, बाइक राइडिंग मेरा पैशन है। लेह-लद्दाख तक का सफर बाइक पर तय करना मेरे लिए किसी सपने के पूरे होने जैसा है और मैं इसे लेकर रोमांचित हूं। आकाश ने बताया कि, उन्होंने यह सफर दिल्ली से तय किया। बाइक को दिल्ली कुरियर किया। फिर दिल्ली-चंडीगढ़-मनाली-दार्चा-शिंकुला-पुरने-पदुम-लिंगशेड-फोटोकसर-खलस्ते-लेह-पांग-सर्चू-मनाली-चंडीगढ़-दिल्ली-झांसी-सागर-सिवनी के बाद नागपुर सहित 9 राज्यों का सफर तय किया। 

कमेंट करें
Jxhao
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।