comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कुछ हटके : यहां लड़कों की उठती हैं डोलियां, एक से ज्यादा शादी कर सकती हैं महिलाएं

December 28th, 2018 20:05 IST
कुछ हटके : यहां लड़कों की उठती हैं डोलियां, एक से ज्यादा शादी कर सकती हैं महिलाएं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूं तो भारत में पाए जाने वाली सभी समुदायों में शादी के बाद लड़की को ही अपना घर छोड़कर पति के घर जाना होता है, लेकिन उत्तर-पूर्व के कुछ राज्यों में एक जनजाति ऐसी भी है, जहां इसके ठीक उलट होता है। दरअसल, असम और मेघालय राज्य में खासी नाम की एक जनजाति पायी जाती है, जहां नारी को पुरुष की अपेक्षा अधिक दर्जा प्राप्त होता है। यहां महिलाओं को वे सब अधिकार होते हैं जो बाकी जनजातियों और समुदायों में पुरुषों को दिए जाते हैं। यहां तक की जन्म के साथ ही यहां लड़की ही संपत्ति की वारिस होती है। कुल मिलाकर कहा जाए तो यहां महिला-पुरुष का रहन-सहन देश के बाकी भागों से ठीक उलट है।

खासी जनजाती, भारत के असम, मेघालय के साथ-साथ बांग्लादेश के कुछ क्षेत्रों में भी निवास करती है। इस समुदाय को खासी या खासिया नाम से भी जाना जाता है। इस जनजाति की खास बात यह है कि यहां पर लड़कों को नहीं बल्कि लड़कियों को ऊंचा स्थान दिया जाता है। लड़कियों के जन्म पर जश्र मनाया जाता है और यहां लड़कियां शादी के बाद अपने मां-बाप के घर ही रहती हैं, और शादी के बाद लड़कियों के पति लड़कियों के घर, घरजमाई बनकर रहते हैं। इसके साथ ही इस जनजाति की महिलांए कई पुरुषों से शादी भी कर सकती हैं।

हालांकि अब जिस तरह देश में महिलाएं समाज में अपनी स्थिति और दर्जे के लिए संघर्ष करती हैं और मांगे करती है, ठीक उसी तरह यहां भी अब पुरुष बदलाव की मांग कर रहे हैं। यहां के पुरुषों का कहना है कि उन्हें अब इस प्रथा में बदलाव चाहिए है, वो भी बराबरी का हक चाहते हैं। हालांकि उनका ये भी कहना है कि वे इस मांग के जरिये महिलाओं को किसी प्रकार से नीचे नहीं दिखाना चाहते।

आपको बता दें कि इस जानजाति की महिलाएं ही परिवार के तमाम फैसले भी लेती हैं। यहां की एक और खास प्रथा है जिसमें घर की सारी संपत्ती घर की बड़ी बेटी को नहीं बल्कि छोटी बेटी को मिलती है। इसके पीछे का कारण यह है कि उसे ही आगे चलकर माता पिता की देखभाल करनी होती है। छोटी बेटी को खातडुह कहा जाता है।

इस जाति के लोगों में शादी को लेकर कोई खास रस्में नहीं होती हैं। लड़की और मां-बाप की सहमति होने पर युवक ससुराल आना- जाना शुरु कर देता है और संतान होते ही वह स्थाई रुप से वहीं रहने लगता है। संबंधविच्छेद भी अक्सर सफलतापूर्वक होते रहते हैं। संतान पर पिता का कोई हक नहीं होता। यहां करीब 10 लाख लोगों का वंश महिलाओं के आधार पर चलता है। यहां तक कि किसी घर में अगर बेटी नहीं है तो उसे एक बच्ची को गोद लेना पड़ता है, ताकि वह वारिस बन सके।

कमेंट करें
vRfXh
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।