जेल में पहली रात सो नहीं पाए लालू, सोमवार को परिजनों से मिलने की मिलेगी इजाजत

जेल में पहली रात सो नहीं पाए लालू, सोमवार को परिजनों से मिलने की मिलेगी इजाजत

Bhaskar Hindi
Update: 2017-12-24 05:07 GMT
जेल में पहली रात सो नहीं पाए लालू, सोमवार को परिजनों से मिलने की मिलेगी इजाजत

डिजिटल डेस्क, रांची। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले पर रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। करीब 950 करोड़ रुपए के इस घोटाले में लालू यादव समेत 15 लोगों को दोषी करार दिया गया है, वहीं जगन्नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत और पूर्व पशुपालन मंत्री विद्यासागर निषाद समेत 7 लोगों को बरी कर दिया गया है। इसके बाद लालू को कोर्ट से सीधे रांची की बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया। जहां लालू प्रसाद को कैदी नंबर 3351 मिला है। जेल में उनकी पहली रात बेचैनी में कटी है। लालू किसी से भी बात नहीं की। रविवार सुबह लालू ने जेल के गार्डन में चाय और बिस्‍कुट से अपना उपवास तोड़ा। रविवार को भी उन्‍हें किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अब वे सोमवार को ही किसी से मिल पाएंगे। सोमवार से सुबह आठ से बारह बजे तक लोगों से मिलने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद ही वह अपने परिजनों और पार्टी नेताओं से मिल सकेंगे।

जेल में चुप ही रहे लालू

जानकारी के अनुसार, लालू यादव को जेल में रात को पांच रोटियां खाने में दी गई। शाम करीब 5:15 में लालू प्रसाद यादव जेल पहुंचे, उनके साथ बेटे तेजस्वी भी अंदर गए, जेल के अंदर जाते ही लालू अधीक्षक के कमरे में गए और बैठ गए। जेल अधीक्षक के कमरे में लालू से पूछा गया कि रात के खाने में क्या लेना पसंद करेंगे? इस प्रश्‍न पर लालू चुप्पी साधे रहे। इसके बाद बेटे तेजस्वी ने कहा कि पापा को भात नहीं रोटी ही देना है। जिसके बाद जेल मैनुअल के अनुसार उन्हें पांच रोटियां, एक कटोरी अरहर की दाल और बंदगोबी की सब्जी दी गई। 

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लालू को जेल में मिलेंगी वीआईपी सुविधाएं

लालू यादव को जेल में अपर डिवीजन सेल में रखा जाएगा। जहां लालू यादव को जेल में वीआईपी सुविधाएं मिलेंगी। बता दें कि जेल में लालू यादव को जो कमरा दिया गया है, उसमें अटैच टॉयलेट बाथरूम है। इस कमरे में एक चौकी, कंबल, तकिया, मच्छरदानी है। कमरे में एक टीवी भी लगी है। तेजस्वी यादव ने जेल प्रबंधन को लालू को पहनने के लिए कुर्ता-पायजामा और गर्म कपड़े के अलावा दवाई भी दी। लालू यादव को भोजन बनाने की भी सुविधा दी जाएगी और वे बाहर से भी खाना मंगा सकते हैं।

लालू यादव जिस वक्त जेल जा रहे थे, उनके साथ आरजेडी की दर्जनभर गाड़ियां भी थीं। चाईबासा मामले में भी दोषी करार होने पर लालू यादव को 3 अक्टूबर 2013 को इसी जेल में लाया गया था। इस बार भी उन्हें इसी जेल में रखा जाएगा। लालू यादव समेत कुल 22 लोग देवघर चारा घोटाले में आरोपी थे, जिसमें से 16 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। जबकि बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और ध्रुव भगत समेत 6 लोगों को बरी कर दिया गया है।

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दोषी करार देने के बाद लालू ने ट्वीटर से पोस्ट हुआ कि "बीजेपी अपनी विफल नीतियों से ध्यान भटकाने के लिए बदले और बैर की भावना से विपक्षियों की छवि बिगाड़ रही है। उन्होंने लिखा कि लालू परास्त होने वाले नहीं है। 

 

कितनी सजा का है प्रावधान

लालू के वकील चितरंजन प्रसाद के अनुसार, इस मामले में लालू को अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की कैद की सजा होगी। इस मामले में गबन की धारा 409 के तहत 10 साल और धारा 467 के तहत आजीवन कारावास की भी सजा हो सकती है। अदालत ने दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए तीन जनवरी की तिथि निर्धारित की है।  

जेल में ये होंगे लालू यादव के पड़ोसी

जेल में लालू यदव के साथ मामले में दोषी करार दिए गए अन्य नेता और पूर्व अधिकारी भी बंद होंगे। जानकारी के अनुसार, इस जेल में 2700 कैदी बंद हैं, जबकि इंतजाम 3500 कैदियों का है।  जिस वार्ड में लालू को रखा गया है, उसी में बीजेपी के झरिया एमएलए संजीव सिंह, पूर्व मंत्री राजा पीटर और पूर्व कांग्रेस विधायक सवाना लकड़ा बंद हैं। 

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