MP News: भोपाल मास्टर प्लान-2047, 123 किमी मेट्रो, 45 लाख आबादी के हिसाब से प्लानिंग का ड्राफ्ट

भोपाल मास्टर प्लान-2047, 123 किमी मेट्रो, 45 लाख आबादी के हिसाब से प्लानिंग का ड्राफ्ट

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। लंबे समय से लटके भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट शनिवार को जारी कर दिया गया। इसे साल 2047 के हिसाब से बनाया गया और 45 लाख आबादी के अनुमान से प्लानिंग की गई है। प्लान में 123.62 किमी मेट्रो नेटवर्क, 51 किमी नया बायपास और करीब 3 हजार हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। साथ ही रहवासी क्षेत्रों में कारोबारी गतिविधियां रोकने का प्रावधान किया गया है। ड्राफ्ट में कनेक्टिविटी, हाउसिंग, रोजगार और पर्यावरण पर जोर है।

ग्रीन टीडीआर, अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने, पार्किंग बढ़ाने, कुछ संस्थानों को एफएआर खरीदने से छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं। पुराने भोपाल के 175 हेक्टेयर क्षेत्र और झुग्गी पुनर्विकास भी प्रस्तावित है। इस ड्राफ्ट के अनुसार रहवासी एरिया में पर चल रहे कारोबार को ड्राफ्ट से तत्काल राहत नहीं मिलेगी। अब नागरिकों से दावे, आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। ज्ञात हो कि भोपाल मास्टर प्लान को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ही अंतिम रुप दिया जा सकेगा।

ईकेएआई सिटी-एआई सिटी

भौंरी एजुकेशन हब को अपग्रेड कर ईकेएआई सिटी में विकसित करने की योजना है। इसे इनोवेशन और एआई आधारित नॉलेज इकोनॉमी के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघों के मूवमेंट एरिया को संरक्षित रखने का प्रावधान है। भोजताल रामसर साइट भी है।

मुख्यमंत्री से मिला क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल

भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट प्रकाशित होने पर भोपाल क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने धन्यवाद दिया। इस दौरान क्रेडाई ने मास्टर प्लान के लिए रिसर्च बेस्ड पॉलिसी पेपर भी मुख्यमंत्री को दिया। प्रतिनिधिमंडल में भोपाल क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक, सेज ग्रुप के चेयरमैन डॉ. संजीव अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

51 किमी में भोपाल का विकास

- मास्टर प्लान में करीब 3,000 हेक्टेयर भूमि को 51 किमी लंबे ग्रोथ कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित किया गया है। इसके जरिए ईकेएआई सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक स्टोरेज और होलसेल क्षेत्र के साथ शहर के अलग-अलग उपनगरों को जोड़ा जाएगा।

- ग्रोथ कॉरिडोर में पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को बढ़ावा देने की योजना है। इसे शहर से रेडियल मार्गों के जरिए जोड़कर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट के आधार पर विकसित किया जाएगा।

- ग्रोथ कॉरिडोर में मिश्रित उपयोग और हाई डेंसिटी डेवलपमेंट का प्रावधान है। यहां होटल और हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, आईटी, एआई और डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, होलसेल, हाइपरमार्केट, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, संस्थान, एजुकेशन हब और हाउसिंग विकसित की जा सकेगी।

- ग्रोथ कॉरिडोर में अनलिमिटेड एफएआर का प्रावधान किया गया। सार्वजनिक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर का भी प्रावधान किया गया है, जिसे भविष्य में एमआरटीएस में अपग्रेड किया जा सकेगा।

- विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर रोड को ग्रोथ कॉरिडोर के जरिए राजधानी से जोड़ने प्रस्तावित है। इससे भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी सुधरेगी।

- ग्रोथ कॉरिडोर और रेडियल मार्गों का विकास भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।

- निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर नया बायपास प्रस्तावित है। इसे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित तैयार किया जाएगा। बायपास के दोनों तरफ 50-50 मीटर ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित है।

- ग्रीन लैंड के लिए ग्रीन टीडीआर का प्रावधान किया गया। ग्रीन बेल्ट में आने वाली जमीन के मालिकों को टीडीआर दिया जाएगा। जहां टीडीआर संभव नहीं होगा, वहां जमीन खरीदी जा सकेगी। इसका उद्देश्य जमीन मालिकों को मुआवजा और विकास का लाभ देना है।

- अनाथालय, मूक-बधिर स्कूल, हॉस्टल, दिव्यांगों के लिए विशेष स्कूल, वृद्धाश्रम और रैन बसेरों जैसे संस्थानों को अब एफएआर खरीदने की जरूरत नहीं होगी।

- भोपाल की भानपुर खंती के पुनर्विकास के तहत गोल्फ कोर्स प्रस्तावित है। कॉलोनी स्तर पर खुले क्षेत्र का प्रावधान 10% से बढ़ाकर 12% किया गया। इसके साथ 2% सर्विस एरिया भी अनिवार्य होगा। इससे कॉलोनियों में हरियाली और खुले स्थान का दायरा बढ़ेगा।

- अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को एफएआर खरीदने की जरूरत से छूट देने का प्रावधान किया गया। इसके साथ प्रवासी नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

Created On :   27 Sept 2026 12:19 AM IST

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