फिल्मी सितारों का जश्न: बचपन की रस्में, परिवार की रौनक, सितारों ने साझा की दिवाली की यादें

बचपन की रस्में, परिवार की रौनक, सितारों ने साझा की दिवाली की यादें
धनतेरस से ही दिवाली के जश्न की शुरुआत हो जाती है। रोशनी, रौनक और खुशियों के इस त्योहार को आम लोगों की तरह फिल्मी सितारे भी पूरे उत्साह और पारिवारिक परंपराओं के साथ मनाते हैं।

भास्कर ब्यूरो, मुंबई। धनतेरस से ही दिवाली के जश्न की शुरुआत हो जाती है। रोशनी, रौनक और खुशियों के इस त्योहार को आम लोगों की तरह फिल्मी सितारे भी पूरे उत्साह और पारिवारिक परंपराओं के साथ मनाते हैं। कोई धनतेरस पर सोना-चांदी या नई गाड़ी खरीदकर शुभ शुरुआत करता है, तो कोई घर की साज-सज्जा और लक्ष्मी पूजन को खास बनाता है। लेकिन सितारों के लिए दिवाली सिर्फ खरीदारी और चमक-दमक का मौका नहीं, बल्कि परिवार के साथ वक्त बिताने, पुरानी यादें ताजा करने और परंपराओं से जुड़ने का भी अवसर है। इस बार धनतेरस पर क्या खरीदने की तैयारी है सितारों की और कैसे मनाते आए हैं वे दिवाली का त्योहार दैनिक भास्कर से धनतेरस से लेकर दिवाली तक की यादें और परम्पराएं साझा की...

शादी के बाद पहली दिवाली, रखेंगे मिलन-शाम : कृतिका कामरा

बचपन से दिवाली पर मिट्टी के दीये अपने हाथों से सजाना, उनमें घी या सरसों का तेल डालकर जलाना और पारंपरिक रंगोली बनाना मेरी खास परंपरा रही है। जिसे मैं आज भी निभाती हूं। मम्मी-पापा के साथ पूजा की तैयारी, घर की सजावट और बेसन के लड्डू-गुजिया का स्वाद आज भी बचपन की यादें ताजा कर देता है। आधुनिक सजावट के बीच भी दीयों की रोशनी के बिना दिवाली अधूरी लगती है। शादी के बाद पहली दिवाली को लेकर खास उत्साह है, क्योंकि अब दो परिवारों की परंपराएं और खुशियां एक साथ जुड़ेंगी। इस बार हम दोनों अपने बचपन की पसंदीदा परंपराओं को मिलाकर त्योहार मनाएंगे। साथ ही दोनों परिवारों और करीबी दोस्तों के लिए घर पर एक छोटी-सी मिलन-शाम रखेंगे, जहां साथ भोजन करेंगे और पुरानी यादें साझा करेंगे। इस बार उपहारों की जगह स्थानीय कारीगरों के हस्तनिर्मित दीये और सजावटी सामान चुनने का भी विचार है। मेरे लिए यह दिवाली नए रिश्तों को संजोने, दो परिवारों को करीब लाने और साथ मिलकर खूबसूरत यादें बनाने का अवसर है।

सिद्धार्थ के घर लौटने से इस बार दिवाली होगी खास : अदिति राव हैदरी

इस बार की दिवाली मेरे लिए बेहद खास होने वाली है। पिछले साल सिद्धार्थ विदेश में शूटिंग कर रहे थे, इसलिए हम साथ घर पर दिवाली नहीं मना पाए थे। लेकिन इस बार वे मेरे साथ घर पर हैं, इसे लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। हमने तय किया है कि इस बार पूरे परिवार और करीबी लोगों को बुलाकर धूमधाम से दिवाली मनाएंगे। चूंकि हमारे घर में दिवाली का जश्न धनतेरस से शुरू होता है, इसलिए इस बार भी इसी पारंपरिक अंदाज में त्योहार की शुरुआत होगी।हमने सारा घर सजाया है। और तैयारियां शुरू हो गयी हैं। परिवार के साथ पूजा, खुशियां और अपनों का साथ ही इस दिवाली को मेरे लिए यादगार बनाएगा।

सालों से सोना खरीदती हूं -रोहिणी हटंगडी

बचपन में मै दीवाली का बेसब्री से इंतजार करती थी क्योंकि मैं 4 दिन अलग अलग ड्रेस पहनती थी ।मेरे पिताजी की एक परंपरा थी कि धनतरेस पर वो सोना खरीदते थे ।भले 1 ग्राम ही सही लेकिन लेते जरूर थे। उनके अनुसार यह एक सेविंग थी । वही आदत आज मुझमें है। मै हमेशा धनतेरस पर सोना खरीदती हूं। इस तरह मैने बहुत सोना जमा किया था लेकिन वह बेटे की शादी में खर्च हो गया । पर आज भी मै धनतेरस पर सोना खरीदती हूं। इसके अलावा दिवाली पर मै महाराष्ट्रीयन होने के नाते चकली करंजी, सहित सारे दिवाली के पकवान बनाती ही हूं। एक खास तरह की मिठाई होती है आमसा जो सिर्फ दिवाली में मिलती है। वो मै जरूर लेती हूं।

फूलों से सजाते हैं घर -आयशा रजा

अभिनेत्री आयशा रजा ने अभिनेता कुमुद मिश्रा से शादी की है। वह भी दिवाली का त्यौहार मनाती हैं। उन्होंने बताया कि दिवाली पर मेरी मां फूलों से रंगोली बनाती थी। बचपन में मेरा काम फूलों की पंखुड़ियों को तोडना और उससे घर के दरवाजों से लेकर हर कोने को सजाना था। वही परंपरा मैं आज भी निभाती हूं । धनतेरस से लेकर दिवाली तक मैं फूलों से रंगोली बनाती हूं। बूंदी के लड्डू, खीर हुए रस मलाई यह मिठाई खास हमारे यहां दिवाली पर मेहमानों के लिए रखी जाती है।

शक्कर की गुड़िया आज भी लेती हूं -राधिका बंसल

फिल्म निर्देशक राधिका बंसल कहती हैं कि बचपन में उन्हें दिवाली में खील बताशा खाना बहुत पसंद था। उनके घर शक्कर की गुड़िया खरीदी जाती थी जो उन्हें बहुत पसंद थी। वह कहती हैं मैं आज भी खील बताशा खरीदती हूं। दिवाली मेरे लिए बहुत खास है।

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