Ahilyanagar News: ओलावृष्टि पीड़ित किसानों के लिए सांसद नीलेश लंके आक्रामक, बेमौसम बारिश से जिले में 7 हजार से ज्यादा किसानों की फसलें प्रभावित

ओलावृष्टि पीड़ित किसानों के लिए सांसद नीलेश लंके आक्रामक, बेमौसम बारिश से जिले में 7 हजार से ज्यादा किसानों की फसलें प्रभावित
  • तत्काल पंचनामा कर पारदर्शी आकलन किया जाए
  • फसल बीमा दावों का शीघ्र निपटारा किया जाए
  • फल व सब्जी उत्पादकों के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए

Ahilyanagar News. पारनेर तहसील के कई गांवों में 18 और 19 मार्च को हुई बेमौसम बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए सांसद नीलेश लंके ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

ढवलपुरी, धोत्रे, ढोकी, वाघवाडी, निघोज, टाकली ढोकेश्वर, वडगांव सावताल और हिवरे कोरडा गांवों में नुकसान का जायजा लेते समय कई किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। कुछ किसानों ने बताया कि नुकसान के बाद घरों में चूल्हा तक नहीं जला, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।

फसलों को भारी नुकसान

ढवलपुरी क्षेत्र में तरबूज, गेहूं, प्याज और खीरा जैसी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के कारण तरबूज की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जबकि ढोकी में प्याज की फसल जमीन पर गिर गई। धोत्रे और वाघवाडी में अनार के बाग भी प्रभावित हुए हैं

तत्काल पंचनामा के निर्देश

दौरे के दौरान सांसद लंके ने कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर तुरंत ई-पंचनामा शुरू करने के निर्देश दिए। उनके हस्तक्षेप के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचकर पंचनामा प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सांसद लंके ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की। ज्ञापन के अनुसार जिले के 41 गांवों में करीब 3,558.5 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है और 7,352 किसान नुकसान झेल रहे हैं। राहुरी, नगर, श्रीगोंदा, पारनेर, कर्जत, जामखेड, शेवगाव और पाथर्डी तहसीलों में विशेष रूप से असर पड़ा है।

सांसद लंके ने प्रशासन से मांग करते कहा कि पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों के लिए यह आपदा और गंभीर है, इसलिए तत्काल राहत प्रक्रिया शुरू करना जरूरी है।

  • तत्काल पंचनामा कर पारदर्शी आकलन किया जाए
  • 33% से अधिक नुकसान वाले किसानों को सहायता दी जाए
  • फल व सब्जी उत्पादकों के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए
  • फसल बीमा दावों का शीघ्र निपटारा किया जाए

बेमौसम बारिश से जिले में बर्बादी, 7,352 किसानों की फसलें प्रभावित

अहिल्यानगर जिले में 18 मार्च की शाम से रात तक हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। जिले की छह तहसीलों के 41 गांवों में करीब 7,352 किसानों की लगभग साढ़े तीन हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।

जिला प्रशासन और कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राहुरी, नेवासा, राहाता, अकोले, अहिल्यानगर और पाथर्डी तहसीलों में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे रबी फसलें और फलबागों को भारी नुकसान हुआ।

ओलावृष्टि से बढ़ा नुकसान

अचानक बदले मौसम के कारण कई जगह तेज गर्जना और बिजली के साथ बारिश हुई। खेतों, सड़कों और घरों के आसपास ओलों की परत जम गई। तेज हवा से खड़ी फसलें गिर गईं, जबकि कटी फसलें भीगने से नुकसान और बढ़ गया।

इन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान

गेहूं, चना, मक्का, मूंगफली, प्याज, तरबूज, चारा फसलें, सब्जियां और टमाटर के साथ-साथ आम, अनार, संतरा और अंगूर की फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग द्वारा बारिश का पूर्वानुमान दिया गया था, लेकिन अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है।

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