मिलावट-गलत ब्रांडिंग के संदेह में 20 लाख से ज्यादा का घी जब्त, तेल यूनिट का लाइसेंस निलंबित

मिलावट-गलत ब्रांडिंग के संदेह में 20 लाख से ज्यादा का घी जब्त, तेल यूनिट का लाइसेंस निलंबित
  • लासूर स्टेशन की रवि ऑयल इंडस्ट्रीज में जांच के दौरान मिलीं गंभीर खामियां
  • घी में मिलावट और गलत ब्रांडिंग का संदेह, नमूने जांच के लिए भेजे
  • 4.87 लाख का 2,710 किलो सोयाबीन तेल भी जब्त

डिजिटल डेस्क, छत्रपति संभाजीनगर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने जिले में मिलावट तथा खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ 2 बड़ी कार्रवाई की हैं। सुंदरवाड़ी स्थित पतंजलि आयुर्वेद के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर विजय कडुबा जाधव के प्रतिष्ठान दिव्य महावितरक से पतंजलि गाय के घी का 2,280 लीटर स्टॉक जब्त किया गया। इसकी कीमत 20.20 लाख रुपए बताई गई है। घी में मिलावट और गलत ब्रांडिंग का संदेह होने पर नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, गंगापुर तहसील के लासूर स्टेशन स्थित रवि ऑयल इंडस्ट्रीज की तेल रिपैकिंग यूनिट से 4.87 लाख रुपए मूल्य का 2,710 किलो रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर यूनिट का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

लाइसेंस में जनरल मैन्युफैक्चरिंग, मौके पर हो रही थी रिपैकिंग

लासूर स्टेशन स्थित रवि ऑयल इंडस्ट्रीज की रिपैकिंग यूनिट में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा सुरसे ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। 86 अंकों के निरीक्षण में यूनिट को महज 30 अंक मिले। जांच में पता चला कि यूनिट के लाइसेंस में व्यवसाय की श्रेणी 'जनरल मैन्युफैक्चरिंग' दर्ज थी, जबकि वहां खाद्य तेल की रिपैकिंग की जा रही थी।

फूड ग्रेड प्रमाण-पत्र भी नहीं मिला

जांच के दौरान खाद्य पदार्थों और पानी की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के साथ ही पैकिंग सामग्री का फूड ग्रेड प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया गया। परिसर में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी और खिड़कियों पर कीटरोधी जालियां भी नहीं लगी थीं। कर्मचारियों को एप्रन, दस्ताने और हेडकवर जैसी जरूरी सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

इसके अलावा मशीनों के रखरखाव, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, तापमान नियंत्रण और खाद्य पदार्थों को वापस मंगाने की योजना से संबंधित रिकॉर्ड भी नहीं मिले। इन खामियों के आधार पर सहायक आयुक्त (खाद्य) एवं लाइसेंस प्राधिकारी द.वि. पाटील ने यूनिट का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में यूनिट को उत्पादन, प्रसंस्करण और बिक्री की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान केवल सफाई और आवश्यक सुधार कार्य ही किए जा सकेंगे।

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