- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- बालाघाट
- /
- रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की...
Balaghat News: रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की अनोखी तस्वीर

श्रवण शर्मा, बालाघाट। आपने अब तक रेत के अवैध उत्खनन तथा परिवहन के एक से एक फोटो देखें होंगे, लेकिन यह अनोखी तस्वीर शायद ही कभी देखी हो। स्थान है- बालाघाट से महज 2 किलोमीटर दूर डेंजर रोड (नवेगांव-गर्रा बायपास) से लगा सागौन के जंगल से घिरा गायखुरी घाट। बालाघाट सामान्य वनमंडल के इस जंगल क्षेत्र से वैनगंगा नदी गुंजरी है। जंगल के अंदर पडऩे वाले गायखुरी घाट पर सुबह करीब 10:30 बजे करीब 25 बैलगाडिय़ां खड़ी हुई थीं।
एक बार तो लगा, यहां जगल के अंदर नदी तट पर बालाघाट तथा सिवनी जिले की प्रसिद्ध ‘पट (बैलगाड़ी दौड़) प्रतियोगिता’ हो रही है। लेकिन ऐसा नहीं था। कुछ देर में बैलगाड़ी लेकर आए आदमियों सहित वहां मौजूद करीब 30 लोगों ने एक-एक कर बैलगाडिय़ों में प्लास्टिक की तगाडिय़ों से रेत भरना शुरू की। करीब 40 मिनट में रेत भरते ही बैलगाडिय़ां एक-एक कर आगे बढऩे लगीं। करीब डेढ़ दर्जन बैलगाडिय़ां ऊपर सडक़ किनारे जहां-तहां लगे रेत के अवैध भंडारण के समीप भी खड़ी थीं।
नीचे वन क्षेत्र के अंदर के गायखुरी घाट के समीप पड़ी रेत लेकर बैलगाडिय़ों ऊपर सडक़ किनारे ला कर गिराती रहीं और ऊपर खड़ी बैलगाडिय़ों के जरिए आगे शहर की ओर बढ़ती दिखीं। जानकारों के अनुसार लोकल सैंड सिंडिकेट ने रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन का यह अनोखा तरीका प्रशासनिक कार्यवाही से बचने ईजाद किया है। हर दिन 250 से अधिक बैलगाड़ी रेत यानी करीब 175 घनमीटर रेत अकेले इस एक घाट से चुरा कर, सैंड सिंडिकेट के हवाले की जाती है।
आश्चर्य यह कि पिछले कई साल से चल रहे रेत के इस अवैध करोबार पर न तो खनिज, राजस्व, पुलिस विभाग के मैदानी अमले की नजर पड़ी और न ही इस जंगल के मुखिया सामान्य वनमंडल के अफसरों और उसके मैदानी अमले की ही निगाह पड़ी। इससे जिला प्रशासन का पूरा निगरानी सिस्टम ही कठघरे में आ गया है।
कठघरे में इसलिए क्योंकि सीसीएफ गौरव चौधरी को जंगल के अंदर व्यापक पैमाने पर चल रहे रेत के इस अवैध करोबार की जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि, वे टीम को भेजकर पड़ताल व कार्रवाई करवाएंगे। कलेक्टर मृणाल मीना बात खनिज महकमे पर डाल दी। उपसंचालक खनिज फरहत जहां ने राजस्व तथा वन विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।
Created On :   8 Jan 2026 12:56 PM IST












