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Bhandara News: पालतू पशुओं का शिकार कर रहे बाघ को किया पिंजरा बंद

Bhandara News पिछले कुछ महीनों से जवाहरनगर क्षेत्र के लोगों के लिए दहशत और परेशानी का सबब बन चुके बाघ को वन विभाग की टीम ने ट्रैंक्युलाइज कर पिंजरे में कैद किया। यह बाघ पशुपालकों के बैल, बकरियों समेत कई पालतू जानवरों पर हमला कर रहा था। बाघ को पकड़ने का अभियान मंगलवार रात करीब 9.45 बजे शुरू किया गया। वन विभाग की लगातार कोशिशों के बाद बाघ को पकड़ने में सफलता मिली है।
पिछले तीन से चार महीनों से जवाहरनगर, पेवठा, साहूली और आस - पास के गांवों में बाघ ने उत्पात मचा रखा था। इस बाघ ने पेवठा और साहूली गांव में किसानों की कई पालतू गायों और बैलों को मौत के घाट उतारा। परसोड़ी में एक पशुपालक की दो बकरियों की भी शिकार की थी। इन लगातार हमलों से इलाके के किसानों और गांववालों में डर का माहौल फैल गया था। खेतों में काम करना या रात में बाहर निकलना लोगों के लिए जान का खतरा बन गया था।
खरीफ मौसम शुरू होने की वजह से किसान भी डरे हुए थे। यह बाघ न सिर्फ जानवरों का शिकार कर रहा था, बल्कि उसने गांव की तरफ रूख किया था। 10 जुलाई को बाघ अचानक नंदोरा-झिरी जलाशय के पास सड़क पर आ गया। उस समय वहां पर मौजूद नागरिकों ने बहुत सावधानी से खुद को बचाया। लेकिन इस घटना के बाद बाघ का आतंक और भी बढ़ गया। 14 जुलाई को जवाहरनगर ऑर्डनेंस फैक्ट्री के मेन गेट के पास पहाड़ी से जुडी सड़क बाघ एक जंगली जानवर का शिकार करते हुए कर्मचारियों नजर आया। जानकारी मिलते ही आयुध निर्माणी ने वन विभाग को सूचना दी। बाघ रिहायशी क्षेत्र के इतने करीब आने लगा।
किसी पर हमले की आशंका के चलते बाघ को पकड़ने का फैसला लिया गया। वन विभाग की टीम ने रात के समय रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। वन विभाग भंडारा के सहायक उपवनसरक्षक सचिन निलक और वन परिक्षेत्र अधिकारी विलास बेलखोड़े ने विशेष टीम तैयार कर रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में पशुवैद्यकीय अधिकारी विट्ठल हटवार, भंडारा रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी, जलद प्रतिसाद दल के कर्मचारी शामिल हुए। रात के अंधेरे में बाघ को तलाशना बड़ी चुनौती बन गई। पशुवैद्यकीय अधिकारी डॉ. विट्ठल हटवार ने एनेस्थीसिया इंजेक्शन का सटीक निशाना लगाया। करीब 9.45 बजे टीम ने बाघ पिंजरे में पकड़ लिया। कुछ ही देर में बाघ शांत हो गया। इस ऑपरेशन के दौरान आयुध निर्माणी विभाग के कर्मचारी, पेवठा के पुलिस पाटील चंद्रभान हटवार और स्थानीय लोगों ने कीमती सहयोग दिया।
चार वर्षीय नर बाघ से लोग थे परेशान : शुरुआती जानकारी से पता चला है कि पकड़ा गया बाघ करीब चार वर्ष का है। बाघ को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित गाड़ी में ले जाया गया है। लगातार हमलों और इंसानी शरारतों की वजह से गुस्सैल हो चुका बाघ अब वन विभाग के पास सुरक्षित है। जवाहरनगर क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने इस कार्रवाई के लिए वन विभाग का आभार माना है। हालांकि वन विभाग ने जंगल क्षेत्र से जुड़े लोगों से सावधान रहने की अपील की है।
Created On :   16 July 2026 2:30 PM IST















