MP News: विधानसभा में विभागों के 1336 मामले लंबित, विधायकों के 832 प्रश्नों के अपूर्ण जवाब

विधानसभा में विभागों के 1336 मामले लंबित, विधायकों के 832 प्रश्नों के अपूर्ण जवाब

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र विधानसभा का सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, जिसको लेकर तैयारियां की जा रहीं। संसदीय कार्य विभाग ने भी लंबित मामलों को निपटाने और कम करने की कवायद शुरू की है। आंकड़ों के मुताबिक विधानसभा से संबंधित 1336 मामले लंबित हैं। 22 जून तक 54 विभागों में से 47 विभागों में अलग-अलग मामले लंबित श्रेणी में हैं। इसमें पांच सबसे ज्यादा लंबित विभागों मे सामान्य प्रशासन विभाग के कुल 172, किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के 154, राजस्व विभाग के 122, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के 121 और गृह विभाग के 115 लंबित मामले हैं।

इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 57, जल संसाधन के 56 और वित्त विभाग के 50 मामले लंबित हैं। शून्यकाल के 86, अपूर्ण उत्तर 832, आश्वासन 298 और लोक लेखा समिति की सिफारिशों के 120 मामलों में पर अमल नहीं किया गया है। वहीं 6 विभागों आनंद, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और प्रवासी भारतीय विभाग का कोई मामला लंबित की श्रेणी में नहीं हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग,श्रम, कुटीर एवं ग्रामोद्योग,संसदीय कार्य, घुमंतु अर्ध घुमंतु में 1-1 मामला लंबित है।

जेल और विमानन में 2-2, ऊर्जा,पर्यटन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण में 3-3, खेल और संस्कृत विभाग में 4-4, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण और भोपाल गैस त्रासदी राहत में 5-5, विधि विभाग में 6 मामले लंबित हैं। वहीं लोक निर्माण (41), परिवहन (41), सहकारिता(37), स्कूल शिक्षा (29), औद्योगिक नीति एवं निवेश (20), नगरीय विकास एवं आवास (19), आयुष (18),अनुसूचित जाति कल्याण (18), जनजातीय कार्य (16), वन(15), खनिज संसाधन(13), वाणिज्यकर (12), सामाजिक न्याय (11), जनसंपर्क(11), धार्मिक न्यास (9), योजना आर्थिक सांख्यिकी (9), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी(8) , खाद्य , नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण(7) ,नर्मदा घाटी विकास (7) कुल मामले लंबित हैं।

832 प्रश्नों के अधूरे जवाब

सदन में मंत्रियों के दिए 298 आश्वासन लंबित बताए गए हैं। यानी इनको पूरा नहीं किया गया है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में सबसे अधिक 46 मामले लंबित हैं। वहीं गृह विभाग के 32 और पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के 21 मामलों के आश्वासन लंबित हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के 18, किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के 16 और राजस्व विभाग के 13, स्कूल शिक्षा (22) के आश्वासन आंकड़ों के हिसाब से लंबित हैं। , अपूर्ण उत्तरों में सामान्य प्रशासन विभाग के 148 मामले लंबित हैं।

जिसके बाद किसान कल्याण(126), राजस्व (79), लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (60), गृह (83), पंचायत एवं ग्रामीण विकास (14), जल संसाधन विभाग (36), वित्त विभाग(45), उच्च शिक्षा(25), महिला एवं बाल विकास(18), परिवहन(29), सहकारिता(34), औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन (16), अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के 15 सवालों के अपूर्ण उत्तर आए हैं। लोक लेखा समिति की सिफारिशों में सबसे ज्यादा लोक निर्माण विभाग के 18 और राजस्व विभाग की 16 सिफारिशों लंबित हैं।

विभाग अपूर्ण उत्तर कुल लंबित

सामान्य प्रशासन -148 172

किसान कल्याण एवं कृषि विभाग- 126 154

राजस्व -79 122

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा- 60 121

गृह -83 115

पंचायत एवं ग्रामीण विकास -14 57

जल संसाधन -36 56

वित्त -45 50

महिला एवं बाल विकास -18 46

उच्च शिक्षा -25 46

Created On :   5 July 2026 1:31 AM IST

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