MP News: दिग्विजय ने बंगले पर राम मंदिर चंदा चोरों के प्रवेश पर लगाई रोक, गांधी जयंती से करेंगे उज्जैन से अयोध्या पदयात्रा

दिग्विजय ने बंगले पर राम मंदिर चंदा चोरों के प्रवेश पर लगाई रोक, गांधी जयंती से करेंगे उज्जैन से अयोध्या पदयात्रा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। उज्जैन जमीन विवाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के उलट बयान देकर सुर्खियों में आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को ऐलान किया कि वे महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन से अयोध्या तक गैर राजनीतिक पदयात्रा करेंगे। यह यात्रा लगभग 1 किमी की होगी। यात्रा की शुरुआत 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से होगी। दिग्विजय ने कहा कि चढ़ावा चोरी कर विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस से जुड़े लोगों ने करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ कुठाराघात किया है। दो बार चंदा लिया गया। करोड़ों राम भक्तों ने दोनों बार चंदा दिया। लेकिन जो शिकायतें सामने आ रही हैं, वे सभी के सामने हैं।

पदयात्रा के दौरान दिग्विजय चंदे का हिसाब भी मांगेंगे। दिग्विज ने कहा कि 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से उनकी पद यात्रा शुरु होगी। कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें कांग्रेस का प्रचार नहीं होगा और वे यात्रा के दौरान फेसबुक, एक्स (ट्विटर) आिद सोशल मीडिया का भी उपयोग नहीं करेंगे। ज्ञात हो कि सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए चंदा दिया था। वे पूर्व में कह चुके हैं कि उनके पास चंदे की रसीदें और चेक की कॉपी सुरक्षित है। दिग्विजय ने यह भी कहा कि वे वकीलों से बातचीत के बाद अयोध्या जाकर कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे। चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे।

महाकाल मंदिर में भी हो रही चोरी

प्रतिदिन चढ़ावे में 10 से 20 प्रतिशत तक की चोरी हो रही थी, इसलिए मैंने फैसला लिया है कि मैं अदालत में दावा पेश करूं। मैंने जो चंदा दिया था, वह वापस किया जाए उसके बाद वह राशि रामालय ट्रस्ट को दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस चंदा चोरी की है, उसी तरह उज्जैन में भी चोरी हो रही है। महाकाल मंदिर के पास की एक भूमि सुंदरलाल पटवा सरकार ने आरएसएस के एक ट्रस्ट को दी थी। वहां पहले रेस्ट हाउस बनाया गया, लेकिन अब सरस्वती शिशु मंदिर को तोड़कर 100 कमरों का होटल बनाया जा रहा है।

वहां ठहरने वालों को वीआईपी दर्शन कराए जाते हैं। इसके लिए पैसे वसूले जाते हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। इस यात्रा में वे सभी लोग शामिल हो सकेंगे, जिनकी भगवान श्रीराम में आस्था है और जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान वे सोशल मीडिया का भी उपयोग नहीं करेंगे।

Created On :   5 July 2026 1:09 AM IST

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